ग्वालियर के बहुचर्चित जेसी मिल्स लिमिटेड विवाद में अब समाधान की उम्मीद तेज हो गई है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने साफ संकेत दिए हैं कि इस लंबे समय से लंबित मामले को अब और टाला नहीं जाएगा। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की एकल पीठ ने बुधवार को सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा कि अब इस मामले में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोर्ट ने 13 मई को अंतिम बहस की तारीख तय करते हुए निर्देश दिया कि मुख्य याचिका के साथ सभी लंबित अंतरिम आवेदनों पर भी उसी दिन संयुक्त रूप से सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान अधिवक्ताओं ने आपसी सहमति से तारीख आगे बढ़ाने का आग्रह किया, लेकिन कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए सख्त रुख अपनाया और स्पष्ट कर दिया कि अब मामला टलने नहीं दिया जाएगा। इस बीच, मजदूर कांग्रेस ने एक नया आवेदन पेश कर पूर्व में गठित कमेटी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कमेटी ने श्रमिकों के दावों का सही मूल्यांकन नहीं किया और कई बकाया मामलों को अनदेखा कर दिया। फिलहाल करीब 7,844 मजदूरों के दावे लंबित बताए जा रहे हैं। दूसरी ओर, आधिकारिक परिसमापक ने इस आपत्ति का विरोध करते हुए कहा कि जब रिटायर्ड जिला जज एस.एस. त्रिवेदी की अध्यक्षता वाली कमेटी काम कर रही थी, तब किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई। अंतिम चरण में इस तरह के मुद्दे उठाना केवल प्रक्रिया को लंबा करने की कोशिश है। 1997 से लंबित है यह मामला
साल 1997 से लंबित यह विवाद ग्वालियर के औद्योगिक इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इस मामले के चलते हजारों मजदूर परिवारों की कई पीढ़ियां आर्थिक संकट झेल चुकी हैं। ऐसे में हाईकोर्ट का सख्त रुख इस बात का संकेत है कि अब इस लंबे विवाद को जल्द ही अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाया जा सकता है।
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