मिलिए उस शख्स से, जिनके आइडिया को कहा गया था ‘पुराना’, आज कई राज्यों में सेल, 2 दुकानें भी

मिलिए उस शख्स से, जिनके आइडिया को कहा गया था ‘पुराना’, आज कई राज्यों में सेल, 2 दुकानें भी


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Success Story: छतरपुर के जितेंद्र वाजपेयी ने बताया, जब केंद्र और राज्य सरकार ने मिलेट्स अनाज को बढ़ावा देना शुरू किया तो मैंने भी मोटे अनाज का बिजनेस सोचा. कहा, लोग मेरे आइडिया पर हसे जरूर, पर असफलता सफलता की पहली सीढ़ी है. आज वही लोग मेरे बनाए प्रोडक्ट्स खरीद रहे हैं.

Chhatarpur News: आज हम आपको एक ऐसे शख्स की कहानी बताने जा रहे हैं, जिसके बिजनेस आइडिया को सुनकर लोग कभी हंसते थे. लोगों को लगता था कि ये पुराना आइडिया है, नहीं चलेगा. लेकिन, आज हालात दूसरे हैं. उकने प्रोडक्ट्स तो बिक ही रहे हैं, दो-दो जिलों में दुकान भी खोल दी है. दरअसल, छतरपुर के जितेंद्र वाजपेयी किसान परिवार से आते हैं. जीतेंद्र के मुताबिक, उनके यहां पहले दादा और पिता मोटे अनाज जैसे बाजरा, रागी, ज्वार की खेती करते थे, लेकिन धीरे-धीरे इस अनाज की खेती जिले में कम होती गई.

नए किसानों ने दूसरी खेती शुरू कर दी. लेकिन, जब केंद्र और राज्य सरकार ने मिलेट्स अनाज को बढ़ावा देना शुरू किया तो मैंने भी मोटे अनाज का बिजनेस सोचा. रागी और बाजरे से पोहा बनाना शुरू कर दिया. साथ ही ज्वार और गेहूं का नमकीन भी तैयार करने लगा. इसके अलावा आंवला कैंडी, बांस का मुरब्बा, तमाम तरह के अचार, गेहूं का दलिया और शिलाजीत पेड़ा जैसे फूड प्रोडक्ट बनाने लगा. जितेंद्र का ये बिजनेस अब आगे बढ़ चला है. वह ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से प्रोडक्ट बेच रहे हैं.

बाजरे और रागी का पोहा 
जितेंद्र बताते हैं कि वह बाजरे और रागी से पोहा भी तैयार करते हैं. सबसे पहले बाजरे को फुलाया जाता है, फिर इसे कूट दिया जाता है. धान का पोहा जैसे बनाते हैं, वैसे ही इसका पोहा भी तैयार करते हैं. साथ ही बाजरे का पॉपकोर्न भी बनाते हैं. 1 किलो पोहा की कीमत 200 रुपए है. इसे लोग खाना पसंद कर रहे हैं. साथ ही रागी का पोहा भी तैयार करते हैं. इसके अलावा बाजरा, रागी, गेहूं और ज्वार का नमकीन भी बनाते हैं. ये सब शुद्ध होता है, इसकी गारंटी लेते हैं.

महुआ लड्डू और मिठाई भी 
जितेंद्र वाजपेयी ने महुआ फूल से भी फूड आइटम बनाए हैं, जिसकी डिमांड छतरपुर जिले में ही नहीं बल्कि कई राज्यों में है. दरअसल, जितेंद्र महुआ फूल से विभिन्न तरह कि मिठाई बनाते हैं. जीतेंद्र ने महुआ से बर्फी और लड्डू तैयार किए हैं.

छतरपुर और पन्ना में दुकान 
जितेंद्र बताते हैं कि बुंदेली अनुभूति स्व सहायता समूह के नाम से अभी हमारी दुकान छतरपुर के बिजावर और पन्ना में खुली है. इसके साथ ही हम ऑनलाइन डिलीवरी भी करते हैं. जीतेंद्र बताते हैं कि हमारी बुंदेली व्यंजन की ऑफिशियल वेबसाइट है जहां पर ऑनलाइन ऑर्डर लिए जाते हैं.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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