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Jabalpur Cruise Sink: जबलपुर में एक दर्दनाक हादसा उस समय हो गया, जब एक सैलानियों से भरा हुआ एक क्रूज नर्मदा नदी में डूब गया. इसमें 9 लोगों की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि मौसम विभाग ने पहले ही इसके लिए अलर्ट जारी किया था, लेकिन फिर क्रूज का संचालन हो रहा था. अब इस दुर्घटना पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं.
जबलपुर क्रूज हादसा पर खड़े हुए बड़े सवाल
Jabalpur Cruise Accident: जबलपुर क्रूज हादसे में पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. बताया जा रहा है कि मौसम के अलर्ट के बाद भी क्रूज का संचालन हो रहा था. बाद में बरगी बांध में क्रूज पलट गया और इसमें 9 लोगों की मौत हो गई. फिर प्रशासन की कार्रवाई में 29 लोगों को बचाया गया. गुरुवार शाम मौसम अचानक बदला, तेज हवाएं चलीं और देखते ही देखते बरगी बांध का शांत पानी खतरनाक हो गया. इसी दौरान पर्यटकों से भरा एक क्रूज हवाओं के थपेड़ों के बीच संतुलन खो बैठा और कुछ ही पलों में पानी में समा गया. मौके पर अफरा-तफरी मच गई. चीख-पुकार मदद की गुहार और हर तरफ सिर्फ डर का माहौल. शुरुआती जानकारी में कहा गया कि क्रूज में 25 से 30 लोग सवार थे, लेकिन अब इस कहानी का दूसरा पहलू सामने आ रहा है.
क्रूज में मौजूद एडवोकेट रोशन आनंद ने जो बताया-वो सीधे-सीधे लापरवाही की ओर इशारा करता है. उनके मुताबिक यात्रियों को चढ़ते समय लाइफ जैकेट नहीं दी गई, जबकि जैकेट्स क्रूज के अंदर मौजूद थीं. यानी सुरक्षा के इंतजाम कागजों में थे जमीन पर नहीं. इतना ही नहीं सबसे चौंकाने वाला दावा तो ये था कि क्रूज में 60 से 65 लोग सवार थे, जिनमें कई बच्चे भी शामिल थे. अगर ये सच है, तो सवाल सिर्फ हादसे का नहीं, बल्कि सिस्टम की गंभीर लापरवाही का है.
खतरा देखते ही कप्तान पर लगे क्रूज छोड़ने के लगे आरोप
गुरुवार शाम करीब 6 बजे जब तूफानी हवाएं और तेज हुईं तभी हालात बेकाबू हो गए और इसी बीच एक और आरोप सामने आया, कि क्रूज का कप्तान खतरा बढ़ते ही यात्रियों को छोड़कर खुद कूद गया. अगर ये बात जांच में सही पाई जाती है, तो ये सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि जिम्मेदारी से भागने का मामला बनता है.
हादसे पर खड़े हो बड़े सवाल
हादसे के बाद कई सवाल लगातार खड़े हो रहे हैं कि क्या क्रूज में सवार लोगों की संख्या छुपाई जा रही है? लाइफ जैकेट क्यों नहीं दिए गए? क्या मौसम खराब होने के बावजूद क्रूज को जाने की इजाजत दी गई? शुरुआत में देखने पर यह दुर्घटना कई स्तर पर हुई चूक का नतीजा लग रही है. फिलहाल प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं. क्या लापरवाही के जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या फिर ये मामला भी वक्त के साथ ठंडा पड़ जाएगा. ये देखना होगा.
मुख्यमंत्री ने किया है सहायता राशि का ऐलान
PWD मंत्री राकेश सिंह ने बताया मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों को चार-चार लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है और साथ ही गहरा दुख जताया है फिलहाल अभी भी कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं.
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गोविन्द सिंह जनवरी 2026 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर Senior Sub Editor कार्यरत हैं, जहां वह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्टेट टीम का हिस्सा हैं. किस्सागोई के अंदाज में खबरें पेश कर…और पढ़ें