इस चमत्कारी पेड़ से मिलता संतान सुख, बस करना होता है ये काम, जानें रहस्य

इस चमत्कारी पेड़ से मिलता संतान सुख, बस करना होता है ये काम, जानें रहस्य


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छतरपुर जिले में एक ऐसा भी पहाड़ है जहां के जंगल में एक ऐसा चमत्कारी पेड़ लगा है. जिसके बारे में मान्यता है कि इस पेड़ की रक्षा खुद सिद्ध बाबा करते हैं क्योंकि इस पेड़ की औषधि से निःसंतान लोगों को इच्छानुसार बेटा या बेटी के रूप में संतान की प्राप्ति होती है. तो आइए जानते हैं इस पेड़ की चमत्कारी कहानी

छतरपुर. छतरपुर जिले में एक ऐसा भी चमत्कारी स्थान है जहां एक ऐसा पेड़ पाया जाता है जिसे संतान प्राप्ति का पेड़ भी कहा जाता है. मान्यता है कि इस पेड़ की औषधि से पुत्र और पुत्री की प्राप्ति होती है. इस औषधीय पेड़ को आज भी जंगल में छिपाकर रखा गया है. हर किसी को इस पेड़ की पहचान नहीं कराई जाती है क्योंकि चोर इस पेड़ को नुकसान पहुंचा सकते हैं. आइए जानते हैं इस पेड़ की चमत्कारी कहानी..

पुजारी रामबाबू तिवारी लोकल 18 से बातचीत में बताते हैं कि जिन विवाहित जोड़ों को सालों संतान नहीं होती है तो सिद्ध बाबा की कृपा से हम एक जड़ी बूटी देते हैं जिससे लड़का या लड़की मिलती है. अगर किसी के लड़का या लड़की नहीं हो रहा है तो उसे औषधि देते हैं. दरअसल, हमारे गांव के सिद्ध बाबा की पहाड़ी में घने जंगल में एक ऐसा पेड़ भी लगा है जिसे चमत्कारी पेड़ कहा जाता है. यह लगभग 6 से 8 फीट का होता है जिसके पत्ते से लेकर छाल और जड़ काम आती है.

पुजारी बताते हैं कि मुझसे पहले पहाड़ पर एक बाबा रहते थे तो सिद्ध बाबा ने उन्हें बाबा के रूप में दर्शन देकर बताया था कि यहां एक ऐसा भी पेड़ है जो औषधीय गुणों से भरपूर है. हालांकि, हमें इस पेड़ का नाम नहीं पता लेकिन पहचान लेते हैं. लेकिन दूसरों को इस पेड़ की न जानकारी देते हैं और न ही पहचान बताते हैं. अगर ऐसा कर दिया तो शरारती तत्व उस पेड़ का दुरुपयोग करना शुरू कर देंगे. इसलिए हम उन्हीं लोगों को ये औषधि देते हैं जिन्हें सच में संतान की जरूरत है और जो इसके लिए दर-दर भटक चुके हैं.

पेड़ की छाल, पत्ते और जड़ उपयोगी
रामबाबू बताते हैं कि अगर हम इस चमत्कारी पेड़ का पत्ता और जड़ देते हैं तो बेटा ही पैदा होता है. वहीं पत्ता देते हैं तो बिटिया पैदा होती है. अगर पेड़ की छाल देते हैं तो संतान के रूप में बेटा या बिटिया पैदा होती है.

सिद्ध बाबा ने बताई थी पेड़ की महिमा
पुजारी बताते हैं कि इस पेड़ की महिमा खुद सिद्ध बाबा ने आकर बताई थी. हमारे गांव की इस पहाड़ी पर सिद्ध बाबा का स्थान है. मंदिर भी बना है. यहां एक पहले बाबा रहते थे उन्हीं को सिद्ध बाबा ने दर्शन दिए थे. उन्होंने ही इस पेड़ की महिमा बताई थी. फिर हम यहां रहने लगे तो बाबा ने ने हमें बताई.

पुजारी बताते हैं कि आसपास के गांव बरहा और चितहरी में ऐसे कई परिवार हैं जिनके यहां संतान नहीं हो रही थी फिर इसी जड़ी बूटी के सेवन और सिद्ध बाबा के आशीर्वाद से उन्हें संतान की प्राप्ति हुई है.

गांव की दाई छुट्टन बताती हैं कि मेरी बहू को बेटा नहीं हो रहा था लेकिन जब यहां आकर उन्होंने सिद्ध बाबा के दर्शन किए और उन्हें चमत्कारी पेड़ की औषधि दी गई तो उन्हें पुत्र सुख की प्राप्ति हुई.

वहीं ग्रामीण बताते हैं कि संतान मिलने के बाद सिद्ध बाबा के स्थान पर कन्या भोज कराना होता है और चढ़ावा चढ़ाना पड़ता है. आप चाहें तो नारियल और 5 कन्या भी खिला सकते हैं. यहां किसी भी तरह का दान दक्षिणा नहीं लगता है. ये स्थान सिद्ध बाबा का है. वहीं सब पर कृपा करते हैं.

डिस्क्लेमर: लोकल 18 इस खबर के सत्यता की पुष्टि नहीं करता है. स्थानीय निवासियों ने जो बताया उन्हीं के मुताबिक ये खबर लिखी गई है.

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Mohd Majid

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