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Farji Gehu Kharidi: आगर मालवा जिले के खजूरी गांव में गेहूं खरीदी को लेकर उठे विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है. एक ओर कार्यपालक मजिस्ट्रेट की छापेमार कार्रवाई में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे, वहीं दूसरी ओर जिला खाद्य अधिकारी पी.एल. मालवीय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पूरी प्रक्रिया को नियमों के तहत बताया है. इससे मामले में भ्रम की स्थिति बन गई है और प्रशासनिक स्तर पर अलग-अलग दावों ने सवाल खड़े कर दिए हैं.
आगर मालवा के खजुरी गांव में अवैध गेहूं खरीदी मामला
आगर मालवा. आगर मालवा के खजूरी गांव में सामने आए कथित अवैध गेहूं खरीदी मामले में अब नया मोड़ आ गया है. जहां एक तरफ कार्यपालक मजिस्ट्रेट अरुण चंद्रवंशी की छापामार कार्रवाई में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई थीं, वहीं अब जिला खाद्य अधिकारी पी.एल. मालवीय ने पूरे मामले को नियमों के तहत बताया है. ऐसे में यह मामला और भी उलझता नजर आ रहा है.
खजुरी गांव में घर के बाहर संचालित हो रहे खरीदी केंद्र को लेकर जब जिला खाद्य अधिकारी से सवाल किए गए, तो उन्होंने साफ तौर पर किसी भी तरह की अवैध या फर्जी खरीदी से इनकार किया. उनका कहना है कि जिले में जो भी खरीदी हो रही है, वह शासन की नई व्यवस्था-गोदाम स्तरीय और समिति स्तरीय के तहत ही हो रही है. अधिकारी के मुताबिक, सुसनेर के वेयर हाउस के भर जाने के बाद समिति स्तर पर खरीदी को अन्य सुरक्षित स्थानों पर किया जा सकता है, और यह पूरी तरह नियमों के अंतर्गत आता है.
पी एल मालवीय, जिला खाद्य अधिकारी
सबसे अहम सवाल स्लॉट बुकिंग और खरीदी की लोकेशन को लेकर उठा. किसानों के स्लॉट सुसनेर में बुक हो रहे थे, जबकि खरीदी खजूरी में करीब 7 किलोमीटर दूर की जा रही थी. इस पर भी जिला खाद्य अधिकारी ने कहा कि समिति अपने कार्यक्षेत्र में कहीं भी खरीदी कर सकती है और 25 किलोमीटर के दायरे में यह पूरी तरह वैध है. अधिकारी ने यह भी साफ किया कि किसानों के भुगतान में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी और प्रक्रिया के अनुसार उनके खातों में राशि जमा कर दी जाएगी.
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