जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार शाम हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। तेज आंधी के चलते पर्यटन विभाग की एक नाव (क्रूज) के डूबने से नौ लोगों की मौत ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दुखद घटना के बाद अब अन्य पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। इसी कड़ी में ग्वालियर के प्रसिद्ध तिघरा जलाशय पर शुक्रवार को प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देश पर एक संयुक्त टीम ने तिघरा डैम स्थित बोट क्लब का विस्तृत निरीक्षण किया। उद्देश्य साफ था—पर्यटकों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो। निरीक्षण के दौरान टीम ने बोट क्लब की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। खासतौर पर लाइफ जैकेट की उपलब्धता, बोट संचालन के नियम, यात्रियों की संख्या नियंत्रण और मौसम से जुड़ी चेतावनी प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि बिना लाइफ जैकेट के किसी भी पर्यटक को नाव में बैठने की अनुमति न दी जाए। इसके साथ ही, आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों की भी गहन समीक्षा की गई। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए संसाधनों की उपलब्धता, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली (रैपिड रिस्पॉन्स), और स्टाफ की ट्रेनिंग जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई। टीम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस निरीक्षण में एसडीआरएफ, सीएसपी, और ईएंडएम विभाग के अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए। बरगी डैम हादसे ने यह साफ कर दिया है कि प्राकृतिक परिस्थितियों के बीच पर्यटन गतिविधियों में जरा सी चूक भी भारी पड़ सकती है। ऐसे में ग्वालियर प्रशासन का यह कदम न सिर्फ सतर्कता का संकेत है, बल्कि पर्यटकों के प्रति जिम्मेदारी का भी प्रमाण है। अब देखना होगा कि ये निर्देश जमीनी स्तर पर कितनी सख्ती से लागू होते हैं।
Source link