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Bhopal News: बिजली कंपनी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में 204 मामलों में बिजली चोरी की सूचना देने वालों को पांच लाख रुपये से ज्यादा दिए गए. नियमित, आउटसोर्स और संविदा कर्मचारी भी इस योजना में शामिल हैं.
बिजली चोरी के मामले में 26 पर केस बनाया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)
भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बिजली चोरी का अनोखा मामला सामने आया है. चोर बिजली चुराने के नए-नए पैंतरे इस्तेमाल कर रहे हैं. शहर में अब पारंपरिक कटिया की जगह डिश-इंटरनेट केबल और जंक्शन बॉक्स ने ले ली है. इनकी मदद से अब सीधे पोल से कनेक्शन जोड़ने का जुगाड़ सामने आया है. छोला और नादरा बस स्टैंड जोन में बिजली विभाग ने छापेमारी की. इस दौरान खुलासा हुआ कि जंक्शन बॉक्स के कनेक्टर से तार जोड़कर सीधे घरों और निर्माणाधीन बिल्डिंग तक बिजली की सप्लाई हो रही थी. इस तरह मीटर रीडिंग को बाईपास कर बिजली का इस्तेमाल कर विभाग को चूना लगाया जा रहा था.
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने 10 मीटर तक केबल खींची थी और घरों में लोकल अर्थ बनाकर बिजली की सप्लाई चालू की थी. कई जगहों पर पहली और दूसरी मंजिल तक अवैध लाइन से बिजली सप्लाई की जा रही थी. वहीं एक तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में एलटी पैनल से अलग एमसीबी जोड़कर बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा था. विभाग की कार्रवाई के बाद 26 केस बनाए गए. नारियलखेड़ा में 11 केस मिले. इन लोगों पर लगभग 16 लाख रुपये की बिलिंग की गई है. जिन मीटरों को बायपास किया जा रहा था, उनमें से 9 मीटरों को टीम ने जब्त कर लिया है.
ट्रांसफार्मर के फेल होने का खतरा
बिजली विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यह तकनीक खतरनाक है क्योंकि ऐसा करने से ओवरलोडिंग होती है और इससे ट्रांसफार्मर के फेल होने का खतरा बना रहता है. वहीं इससे आग और शॉर्ट सर्किट होने की आशंका बनी रहती है. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली की चोरी रोकने के लिए अब पारितोषिक योजना में बदलाव किया है. अब बिजली चोरी की सही सूचना मिलने और अंतिम आदेश जारी होते ही कुल प्रोत्साहन राशि की पांच फीसदी राशि फौरन दी जाएगी. बाकी पांच फीसदी राशि वसूली के बाद दी जाएगी.
कहां करें बिजली चोरी की शिकायत?
बिजली कंपनी के अनुसार, साल 2025-26 में 204 मामलों में बिजली चोरी की सूचना देने वालों को पांच लाख रुपये से ज्यादा दिए गए. नियमित, आउटसोर्स और संविदा कर्मचारी भी इस योजना में आते हैं. इसके तहत कुल वसूली की 10 फीसदी राशि इनाम में दी जाती है. बिजली चोरी की सूचना mpcz.in पोर्टल पर दी जा सकती है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.