मंडला जिले के घुघरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चलनी के टिकरा टोला में भीषण जल संकट गहरा गया है। यहां ग्रामीण पीने के पानी के लिए प्रतिदिन संघर्ष कर रहे हैं। महिलाएं सिर पर बर्तन रखकर और पीठ पर छोटे बच्चों को लेकर आधा किलोमीटर दूर स्थित कुएं से पानी लाने को मजबूर हैं। क्षेत्र के सभी हैंडपंप सूखे पहाड़ी पर बसे टिकरा टोला में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, मोहल्ले में लगे पांच हैंडपंपों में से अधिकांश खराब हो चुके हैं या सूख गए हैं। कुछ से केवल बूंद-बूंद पानी निकल रहा है, जिससे कुआं ही एकमात्र पेयजल स्रोत बचा है। सुबह तक लग जाती है लाइन पानी की गंभीर कमी के कारण, महिलाएं रात 2 बजे से ही कुएं पर पानी भरने के लिए पहुंच जाती हैं। सुबह होते-होते वहां लंबी कतार लग जाती है। ग्रामीण देर शाम तक पीने और मवेशियों के लिए पानी भरते रहते हैं। कुएं के खुले पानी में जलीय कीड़े भी तैरते देखे जा सकते हैं, जिसे ग्रामीण मजबूरी में उपयोग कर रहे हैं। नल-जल योजना शुरू करने की मांग ग्रामीण मनिया बाई, शिव कुमार परते और बृहस्पति मरावी ने बताया कि गांव में नल-जल योजना शुरू करने की मांग कई बार की जा चुकी है। इस समस्या के समाधान के लिए ग्रामीण 90 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय तक जनसुनवाई में आवेदन देने पहुंचे, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी है, क्योंकि जिले में करोड़ों रुपये की जल जीवन मिशन योजनाएं चल रही हैं, फिर भी उन्हें शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। सफाई के निर्देश पंचायत को दिए इस संबंध में पीएचई विभाग के ईई मनोज भास्कर ने कहा कि कुएं की सफाई कराई जाएगी और पंचायत के साथ समन्वय स्थापित कर पेयजल व्यवस्था में सुधार का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, ग्रामीण अभी भी स्थायी समाधान और घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। जल संकट की अन्य तस्वीरें…
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