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बरगी डैम क्रूज हादसे की एक तस्वीर ने पूरे देश को झकझोर दिया है. एक मां अपने चार साल के बच्चे को सीने से लगाए मिली, दोनों की मौत हो चुकी थी. यह दृश्य मां के आखिरी संघर्ष और सिस्टम की लापरवाही दोनों को उजागर करता है. हादसे में कई लोगों की जान गई और कई अब भी लापता हैं.
जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर सामने आई है.
जबलपुर. बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे की एक तस्वीर पूरे देश को झकझोर रही है. इस तस्वीर में एक मां अपने चार साल के मासूम को सीने से लगाए हुए दिखाई देती है. दोनों की सांसें थम चुकी थीं, लेकिन पकड़ इतनी मजबूत थी कि रेस्क्यू टीम को अलग करने में भी मशक्कत करनी पड़ी. यह मंजर सिर्फ एक हादसे की कहानी नहीं, बल्कि उस मां के आखिरी संघर्ष का सबूत है, जिसने मौत के सामने भी अपने बच्चे को नहीं छोड़ा. यही वजह है कि यह तस्वीर हर किसी की आंखें नम कर रही है. इस मंजर को देखकर मध्यप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह, रेस्क्यू टीम का हर शख्स, पुलिस और मीडिया के साथी सब रो पड़े. यह बहुत भावुक कर देने वाला दृश्य रहा.
प्रत्यक्षदर्शियों और रेस्क्यू टीम के मुताबिक, मां ने आखिरी सांस तक बच्चे को बचाने की कोशिश की होगी. यही दृश्य इस हादसे को सबसे ज्यादा मार्मिक बनाता है और सवाल भी खड़े करता है कि क्या यह त्रासदी टाली जा सकती थी? हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में लापता लोगों की तलाश जारी है. बचाए गए लोगों ने बताया कि लाइफ जैकेट हादसे के समय बांटी गई, क्रूज में भारी बदइंतजामी थी. इसके बावजूद अगर क्रूज को समय रहते किनारे की तरफ मोड़ लिया जाता तो शायद हादसा इतना बड़ा नहीं होता.
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पानी में उठी लहरे, क्रूज का संतुलन बिगड़ा, लोग पानी में गिर गए
30 अप्रैल की शाम बरगी डैम में पर्यटकों से भरा क्रूज सामान्य सैर पर निकला था. मौसम अचानक बदला और तेज आंधी के साथ हवाएं 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने लगीं. देखते ही देखते पानी में ऊंची लहरें उठीं और क्रूज का संतुलन बिगड़ गया. कुछ ही मिनटों में क्रूज पलट गया और गहरे पानी में समा गया. इस बीच कुछ लोग पानी में गिर गए तो क्रूज में पानी भरा तो चीख पुकार मच गई.
मां-बेटे का दिल दहला देने वाला दृश्य, सबका दिल टूटा, हर आंख से निकले आंसू
रेस्क्यू के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने सभी को भावुक कर दिया. मां अपने बच्चे को सीने से कसकर पकड़े हुई थी. दोनों के शरीर एक-दूसरे से चिपके थे. रेस्क्यू टीम के सदस्य भी इस दृश्य को देखकर खुद को संभाल नहीं पाए. अधिकारियों ने बताया कि यह दृश्य उनके करियर के सबसे दर्दनाक पलों में से एक था. भावुक कर देने वाले इस मंजर के बाद हर आंख नम हो गईं.
लाइफ जैकेट और सुरक्षा पर सवाल
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के समय अधिकतर यात्रियों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी. कुछ को जैकेट दी गई, लेकिन अचानक हालात बिगड़ने के कारण पहनने का मौका नहीं मिला. जो लोग जैकेट पहन पाए, वे कुछ देर तक तैरते रहे और उन्हें बचा लिया गया. इससे साफ है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल में बड़ी चूक हुई.
ओवरलोडिंग और मौसम अलर्ट की अनदेखी
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि क्रूज में क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे. मौसम खराब होने की आशंका के बावजूद क्रूज को संचालन की अनुमति दी गई. यही लापरवाही हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते क्रूज को रोका जाता तो नुकसान कम हो सकता था. हादसे के बाद SDRF, NDRF और सेना की टीमों ने मोर्चा संभाला. रातभर सर्च ऑपरेशन चलता रहा. कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि लापता लोगों की तलाश जारी है. सरकार ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजनों को मुआवजा घोषित किया है.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें