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टेनेसी के एक यू-ट्यूबर ने अनोखा प्रयोग करते हुए दुनिया की सबसे पतली कार बना दी. पुरानी कार को लेजर से काटकर इसे बेहद छोटा और अलग रूप दिया गया. हैरानी की बात यह है कि यह कार सड़क पर चलने के लिए पूरी तरह सक्षम है. इस अनोखे प्रोजेक्ट ने लोगों का ध्यान खींचते हुए सोशल मीडिया पर चर्चा बटोरी है.
सबसे पतली कार सड़कों पर दौड़ी, अनोखे प्रयोग ने लोगों को किया हैरान. (Image: Social Media)
नई दिल्ली. अमेरिका के टेनेसी में एक यू-ट्यूबर ने ऐसा कार एक्सपेरिमेंट किया है, जिसने हर किसी को चौंका दिया है. टायलर फेवर (Tyler Fever) ने एक पुरानी 1988 मॉडल की फोर्ड फेस्टिवा कार को काट-छांटकर दुनिया की सबसे पतली कार बनाने का दावा किया है. यह कार देखने में इतनी छोटी और पतली है कि यह किसी खिलौने या कार्टून से निकली हुई लगती है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि यह सड़क पर चलने के लिए पूरी तरह तैयार है.
पुरानी कार को बनाया अनोखा प्रोजेक्ट
इस अनोखे प्रयोग के लिए टायलर ने फोर्ड फेस्टिवा 1988 मॉडल कार को चुना, जो पहले से ही छोटी कारों में गिनी जाती थी. इस कार को पूरी तरह खाली कर दिया गया और फिर इसे एक नए रूप में ढालने की योजना बनाई गई. उनका मकसद था कि एक साधारण कार को कुछ ऐसा बनाया जाए, जो लोगों को हैरान कर दे और देखने में बिल्कुल अलग लगे.
लेजर और मशीनों से बीच से काटी कार
कार को पतला बनाने के लिए टायलर और उनकी टीम ने हाई-पावर लेजर और CNC मशीन का इस्तेमाल किया. कार को बीच से पूरी तरह काट दिया गया, जिससे यह बेहद पतली हो गई. इस प्रक्रिया के दौरान लिक्विड नाइट्रोजन का भी उपयोग किया गया, ताकि कुछ हिस्सों को आसानी से हटाया जा सके. यह काम इतना तकनीकी और जोखिम भरा था कि इसे आम लोग घर पर करने की कल्पना भी नहीं कर सकते.
इंजन बदला, डिजाइन में किए कई बदलाव
जब कार पतली हो गई, तो उसमें पुराना इंजन फिट नहीं हो पाया. ऐसे में उसे हटाकर इलेक्ट्रिक डर्ट बाइक का मोटर लगाया गया, जिससे कार को नई ताकत मिली. साथ ही स्टीयरिंग व्हील को आधा काटना पड़ा, ताकि ड्राइवर को ब्रेक दबाने में दिक्कत न हो. कार के अंदर का पूरा डिजाइन बदलकर इसे छोटे स्पेस में फिट किया गया, जिसमें दो लोगों के बैठने की भी व्यवस्था की गई.
सड़क पर दौड़ी और लोगों का ध्यान खींचा
तैयार होने के बाद इस कार को टेनेसी की सड़कों पर चलाया गया. जहां भी यह कार गई, लोगों की नजरें उसी पर टिक गईं. पेट्रोल पंप से लेकर शहर के पुल तक, इस अनोखी कार ने हर जगह लोगों को चौंकाया. छोटी होने के बावजूद यह ट्रैफिक में आसानी से चलती और पार्किंग में भी कम जगह घेरती नजर आई.
अनोखा प्रयोग बना बड़ी सफलता
हालांकि यह कार रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए ज्यादा व्यावहारिक नहीं है, लेकिन टायलर फेवर के लिए यह एक सफल प्रोजेक्ट साबित हुआ. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि यह कार इतनी अच्छी तरह सड़क पर चल पाएगी. इस अनोखे प्रयोग ने यह साबित कर दिया कि अगर सोच अलग हो और तकनीक का सही इस्तेमाल किया जाए, तो कुछ भी संभव है.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें