खंडवा में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। शहर के सेंट्रल वेयरहाउस स्थित खरीदी केंद्र पर शनिवार को 21 ट्रैक्टर-ट्रॉली गेहूं लेकर पहुंचे, लेकिन किसानों को तौल के लिए घंटों नहीं, बल्कि दो-दो दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। स्लाट बुकिंग के बावजूद प्रक्रिया में हो रही देरी से किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। केंद्र प्रभारी महेंद्र कोरसिया के मुताबिक, सर्वर की धीमी गति खरीदी प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा बन रही है। खरीदी और तौल पर्ची जनरेट करने में दिक्कत आ रही है, जिसके चलते एक किसान की पूरी प्रक्रिया में करीब आधा घंटा लग रहा है। वहीं, 50-50 किलो की भर्ती में तौल होने से काम और धीमा हो गया है। दो रात जागकर बुक किया स्लॉट, फिर भी इंतजार ग्राम सहेजला से आए किसान पवन राजपूत ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि स्लॉट बुकिंग ही बड़ी चुनौती बन गई थी। सर्वर नहीं चलने से तीन दिन तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। आखिरकार दो रात तक जागने के बाद सुबह करीब 3 बजे स्लॉट बुक हो पाया। लेकिन जब वे गेहूं लेकर केंद्र पहुंचे, तो पहले दिन तौल नहीं हो सकी और उन्हें केंद्र पर ही रात बितानी पड़ी। अब दूसरे दिन भी दोपहर तक तुलाई का इंतजार करना पड़ रहा है। तौल व्यवस्था पर उठे सवाल, वे-ब्रिज की मांग खरीदी केंद्रों पर तौल कांटों की समस्या को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तमपाल सिंह पुरनी ने कलेक्टर को पत्र लिखकर व्यवस्था सुधारने की मांग की है। उन्होंने पारंपरिक कांटों की बजाय वे-ब्रिज (धर्मकांटा) से तौल कराने का सुझाव दिया है, ताकि प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो सके। किसानों की बढ़ती चिंता, नुकसानी का डर खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था के चलते किसानों को न सिर्फ आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है, बल्कि उन्हें दिन-रात केंद्रों पर डेरा डालने को मजबूर होना पड़ रहा है। समर्थन मूल्य पर खरीदी का उद्देश्य किसानों को राहत देना है, लेकिन जमीनी हकीकत में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन के लिए अब चुनौती यह है कि खरीदी प्रक्रिया को सुचारू बनाकर किसानों को समय पर राहत दिलाई जाए।
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