छतरपुर में ड्रिलर से स्लैब तोड़कर गोवंश का रेस्क्यू: संकरी नाली में गिरे बैल को भारी मशक्कत के बाद निकाला; नपा नदारद – Chhatarpur (MP) News

छतरपुर में ड्रिलर से स्लैब तोड़कर गोवंश का रेस्क्यू:  संकरी नाली में गिरे बैल को भारी मशक्कत के बाद निकाला; नपा नदारद – Chhatarpur (MP) News




छतरपुर शहर में शुक्रवार देर रात एक बैल संकरी और गहरी नाली में गिरकर फंस गया। खुद बाहर निकलने की कोशिश में वह घंटों तक छटपटाता रहा। सूचना मिलने पर हरिओम गौशाला के सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और ड्रिलर मशीन से जगह चौड़ी कर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में बैल को चोटें आई हैं, जिसका प्राथमिक उपचार कर दिया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद नगरपालिका का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिसे लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। गौशाला टीम ने रस्सियों के सहारे निकाला बाहर बैल अचानक गली की गहरी नाली में गिर गया था। जगह कम होने से वह बाहर नहीं निकल पा रहा था। आसपास के लोगों ने पहले खुद उसे निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर गौशाला टीम को बुलाया गया। सदस्यों ने रस्सियों और स्थानीय संसाधनों की मदद से कड़ी मशक्कत कर बैल को बाहर निकाला। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। लोगों का आरोप- बजट लाखों में, व्यवस्था नदारद स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना के वक्त नगरपालिका और जिम्मेदार अधिकारियों को मदद के लिए फोन किया गया था, लेकिन कोई भी नहीं आया। नागरिकों का कहना है कि शहर में आवारा पशुओं के नाम पर हर साल लाखों रुपये का बजट खर्च किया जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई व्यवस्था नहीं है। यदि प्रशासन से समय पर मदद मिलती तो बैल को इतनी चोटें नहीं आतीं। पहले भी हादसों का शिकार हो चुके हैं पशु शहर में आवारा पशुओं के हादसों का शिकार होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, इसके बावजूद कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। इस घटना के बाद लोगों ने एक बार फिर नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आवारा पशुओं के लिए बेहतर इंतजाम की मांग की है।



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