छतरपुर जिले के नौगांव स्थित तिवारी मोहल्ले में शुक्रवार शाम करीब 5 बजे एक पिता ने अपने 8 और 5 साल के दो बेटों को किराए के कमरे में बंद कर आग लगा दी। घटना के वक्त बच्चों की मां का फोन आया, जिसमें उसने बच्चों की चीखें सुनीं। घर से धुआं उठता देख पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़ा और आग बुझाकर दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में बच्चे और आरोपी पिता हल्के झुलस गए हैं। फिलहाल दोनों बच्चों को नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां वे खतरे से बाहर है। पुलिस तांत्रिक के कहने पर घटना को अंजाम देने के एंगल से मामले की जांच कर रही है। मां ने फोन पर सुनी चीखें- “मम्मी… बचाओ… पापा मत जलाओ…” पलेरा थाना क्षेत्र निवासी राघवेंद्र तिवारी अपनी पत्नी के मायके जाने के बाद अपने बेटों जय (8 साल) और हर्ष मणि (5 साल) को लेकर छतरपुर रोड स्थित धर्म कांटा के पास तिवारी मोहल्ले में किराए के मकान में आया था। शुक्रवार शाम करीब 5 बजे उसने बच्चों को कमरे में बंद कर आग लगा दी। उसी दौरान बच्चों की मां ने जब पति को फोन लगाया, तो दूसरी तरफ से बच्चों की चीखें सुनाई दीं- “मम्मी… बचाओ… पापा मत जलाओ…”。 पत्थर लेकर पड़ोसियों को रोकने लगा पिता, बोला- “क्यों बचा रहे हो।” घर से धुआं उठता देख पड़ोसियों को अनहोनी का अंदेशा हुआ। उन्होंने बिना देर किए दरवाजा तोड़ा और अंदर घुसे। कमरे के अंदर चारों तरफ धुआं भरा था और दोनों बच्चे कोने में सिमटे हुए थे। आग तेजी से फैल रही थी। पड़ोसियों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाई और बच्चों को बाहर निकाला। इस दौरान बच्चों के हाथ-पैर हल्के झुलस गए। घटना के समय आरोपी पिता भी कमरे में मौजूद था और वह भी झुलस गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब लोग बच्चों को बचाने पहुंचे तो वह पत्थर लेकर उन्हें रोकने की कोशिश कर रहा था और कह रहा था कि “क्यों बचा रहे हो।” तांत्रिक के संपर्क में था आरोपी, अस्पताल में भर्ती हैं बच्चे सूत्रों के मुताबिक, आरोपी राघवेंद्र किसी तांत्रिक के संपर्क में था और उसी के कहने पर उसने यह कदम उठाया। पुलिस इस एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। दोनों बच्चों को तुरंत नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे खतरे से बाहर हैं, लेकिन घटना के बाद से वे इतने सहमे हुए हैं कि ठीक से बोल नहीं पा रहे हैं।
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