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लोकल 18 की टीम को किसान गोपाल पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि जैविक खेती से लाखों की कमाई संभव है. बुरहानपुर के किसान गोपाल पटेल ने जैविक खेती से सफलता की नई कहानी लिखी है. पांच एकड़ में केले की खेती कर वे हर साल 4 से 5 लाख रुपये कमा रहे हैं. गोबर से बनी खाद के उपयोग से उनकी फसल मजबूत होती है और उत्पादन बेहतर रहता है. उनकी इस पहल से अन्य किसानों को भी प्रेरणा मिल रही है.
मोहन ढाकले/बुरहानपुर. मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो खेती को लेकर सोच बदल सकती है. जहां एक ओर किसान लागत और नुकसान से परेशान रहते हैं, वहीं रास्तीपुरा के किसान गोपाल पटेल ने जैविक खेती के जरिए न सिर्फ अपनी आय बढ़ाई है, बल्कि दूसरों के लिए भी मिसाल पेश की है. पांच एकड़ में केले की खेती कर वे हर साल लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं. खास ट्रिक यह है कि वे पूरी तरह जैविक खाद का उपयोग करते हैं, जिससे उत्पादन बेहतर और लागत कम बनी रहती है.
यह कहानी सिर्फ कमाई की नहीं, बल्कि खेती में आत्मनिर्भरता और नवाचार की भी है. गोपाल पटेल बताते हैं कि जैविक खाद के इस्तेमाल से उनकी फसल मजबूत रहती है और मौसम के उतार-चढ़ाव का असर कम पड़ता है. इसके साथ ही वे सब्जी की खेती भी करते हैं, जिससे उन्हें रोजाना आय मिलती है. यही वजह है कि उनकी खेती घाटे का सौदा नहीं, बल्कि लगातार मुनाफे का जरिया बन गई है.
5 एकड़ में केले की जैविक खेती
गोपाल पटेल बुरहानपुर के रास्तीपुरा क्षेत्र में करीब पांच एकड़ जमीन पर केले की खेती करते हैं. वे बताते हैं कि उन्होंने पारंपरिक खेती से हटकर जैविक पद्धति अपनाई, जिससे उत्पादन में सुधार हुआ. खेत में रासायनिक खाद की जगह गोबर से तैयार खाद का उपयोग किया जाता है, जो पौधों के लिए अधिक फायदेमंद साबित हो रहा है.
गोबर खाद से मजबूत हो रही फसल
किसान का कहना है कि जैविक खाद के उपयोग से पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं. यही वजह है कि तेज हवा और तूफान का असर फसल पर कम पड़ता है. प्राकृतिक तरीके से तैयार खाद मिट्टी की गुणवत्ता भी बढ़ाती है, जिससे लंबे समय तक उत्पादन अच्छा बना रहता है.
सालाना 4-5 लाख की कमाई
गोपाल पटेल बताते हैं कि केले की खेती से उन्हें हर साल 4 से 5 लाख रुपये की आय हो रही है. इसके अलावा वे खेत में सब्जी की खेती भी करते हैं, जिससे रोजाना आमदनी बनी रहती है. कम लागत और बेहतर उत्पादन उनकी सफलता की बड़ी वजह है.
10 से ज्यादा लोगों को मिला रोजगार
इस खेती के जरिए वे अपने क्षेत्र के 10 से अधिक लोगों को रोजगार दे रहे हैं. खास बात यह है कि इनमें महिलाएं भी शामिल हैं. इससे न सिर्फ उनकी आय बढ़ी है, बल्कि गांव में रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं.
30 साल का अनुभव बना ताकत
गोपाल पटेल पिछले 30 वर्षों से खेती कर रहे हैं. उन्होंने यह काम अपने पिता से सीखा. वे बताते हैं कि पारंपरिक खेती से शुरुआत की, लेकिन समय के साथ नई तकनीक अपनाई. आज उसी अनुभव और नवाचार के दम पर वे कम लागत में अच्छा उत्पादन ले रहे हैं.
दूसरे किसानों के लिए बन रहे प्रेरणा
उनकी खेती को देखने के लिए आसपास के किसान भी आते हैं. वे जैविक खेती की तकनीक समझते हैं और इसे अपनाने की कोशिश करते हैं. इस तरह गोपाल पटेल न सिर्फ खुद आगे बढ़ रहे हैं, बल्कि अन्य किसानों को भी नई दिशा दे रहे हैं.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें