मध्यप्रदेश का हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर 10 हजार करोड़ से मजबूत हो रहा है। इसके साथ 3 हजार डॉक्टरों के साथ कुल 35 हजार पदों पर नियुक्तियां भी की जा रहीं हैं। राजधानी के स्वर्ण जयंती सभागार नारोन्हा प्रशासनिक अकादमी भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान उप मुख्य
.
कार्यक्रम में वर्ष 2023-24 और 2024-25 के कायाकल्प, एनक्यूएएस, मुस्कान व लक्ष्य कार्यक्रमों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली हेल्थ संस्थाओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, NHM MD डॉ. सलोनी सिडाना, डॉ. प्रभाकर तिवारी समेत अन्य अधिकारी व डॉक्टर मौजूद रहे।
एमपी के स्वास्थ्य संस्थान का स्तर मिशन संचालक NHM डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि वर्ष-2018 में 14 संस्थानों से वर्तमान में 675 स्वास्थ्य संस्थान कायाकल्प मानकों के अनुरूप हैं। 2067 स्वास्थ्य संस्थान एनक्यूएएस मानक अनुरूप हैं। 266 नवजात व शिशु इकाइयों में से 27 और 247 प्रसव केंद्र उत्कृष्ट मानक अनुसार हैं। साल 2030 तक सभी स्वास्थ्य संस्थानों को मानक अनुरूप करने के सघन प्रयास जारी हैं।
कायाकल्प में पहले स्थान पर देवास और सिवनी जिला अस्पताल
- साल 2023-24 में महात्मा गांधी जिला चिकित्सालय देवास और वर्ष 2024-25 में इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय सिवनी को जिला अस्पताल श्रेणी में प्रथम पुरस्कार मिला है। इन्हें इनाम के तौर पर 15-15 लाख रुपए दिए गए हैं।
- इसी तरह सिविल अस्पताल हजीरा (ग्वालियर) और सिविल अस्पताल पाटन (जबलपुर) को सीएचसी श्रेणी में प्रथम पुरस्कार (₹10 लाख) मिले।
- इनके अलावा पीएचसी अमलाहा (सीहोर), मक्सी (शाजापुर), संजय नगर (जबलपुर), पिटोल (झाबुआ) को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र श्रेणी में प्रथम पुरस्कार मिला है।
एनक्यूएएस, मुस्कान और लक्ष्य कार्यक्रमों में यह रहे अव्वल
- जिला चिकित्सालय स्तर पर एनक्यूएएस स्कोर के आधार पर 13 जिलों को सम्मानित किया गया। जिनमें जिला चिकित्सालय दतिया (93.60%), सागर (92.9%), पन्ना (90.43%), मुरैना (89.45%), छिंदवाड़ा (88.61%), रतलाम, झाबुआ (88%), अनूपपुर (87.12%), अलीराजपुर (85%), सीहोर (84%), धार (83.81%), जयप्रकाश चिकित्सालय भोपाल (83%) और बालाघाट (82.07%) शामिल हैं।
- सिविल अस्पताल सिवनी मालवा (95%), सीएचसी दौराहा सीहोर (95%), पीएचसी उमरधा नर्मदापुरम (97.58%), यूपीएचसी कोलुआकलां भोपाल (99.7%) और उप स्वास्थ्य केंद्र आमाहिनौता जबलपुर (98.37%) भी सम्मानित हुए।
- इसके अतिरिक्त 8 जिला अस्पताल, 21 सीएचसी, 73 पीएचसी और 51 सब हेल्थ सेंटर (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) को कायाकल्प और एनक्यूएएस में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर सम्मानित किया गया।
सभी 12 हजार स्वास्थ्य संस्थान मानकों पर खरे उतरें स्वास्थ्य विभाग ने अब नए लक्ष्य तय किए हैं। जिसके तहत प्रदेश के सभी 12 हजार से अधिक स्वास्थ्य संस्थान कायाकल्प, एनक्यूएएस, लक्ष्य और मुस्कान जैसे मानकों पर खरे उतरें। डिप्टी CM शुक्ल ने कहा, इसके लिए केवल बजट और संसाधनों की नहीं, बल्कि सतत मॉनिटरिंग, संस्थागत प्रशिक्षण और कर्मचारियों को प्रेरित करने की आवश्यकता है।
डिप्टी CM शुक्ल ने कहा है कि स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार के साथ स्वच्छता और साफ-सफाई भी जरूरी है। स्वास्थ्य सेवाएं केवल दवा और इलाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अस्पताल परिसर का वातावरण, संक्रमण नियंत्रण, स्वच्छता और मरीजों को मिलने वाली संपूर्ण देखरेख भी उतनी ही आवश्यक है। प्रदेश के हेल्थ सेंटर्स ने कायाकल्प, एनक्यूएएस, मुस्कान और लक्ष्य जैसे कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह प्रमाणित किया है कि हम सही दिशा में कार्य कर रहे हैं।
इन सम्मान से हुए हेल्थ सेंटर्स सम्मानित
- कायाकल्प अवॉर्ड स्वच्छता, ईको-फ्रेंडली उपायों, अपशिष्ट प्रबंधन और अस्पताल रखरखाव के लिए प्रदान किया जाता है।
- एनक्यूएएस अवॉर्ड सेवा की गुणवत्ता, रोगी सुरक्षा और क्लिनिकल प्रोटोकॉल के पालन के आधार पर दिया जाता है।
- लक्ष्य अवॉर्ड सुरक्षित प्रसव सेवाओं के लिए और मुस्कान अवॉर्ड बाल रोग सेवाओं की उत्कृष्टता के लिए दिए जाते हैं।