शिक्षक ने बेचा, कबाड़ी वाला ऑटो में ले जा रहा था ‘बच्चों का भविष्य’, देखकर खौल उठा लोगों का खून! फिर तो…

शिक्षक ने बेचा, कबाड़ी वाला ऑटो में ले जा रहा था ‘बच्चों का भविष्य’, देखकर खौल उठा लोगों का खून! फिर तो…


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Sidhi News: मध्य प्रदेश के सीधी से अनोखा मामला सामने आया है. यहां एक ऑटो स्थानीय लोगों के हाथ लगा. अंदर देखा को गुस्सा भड़क उठा. लोग ऑटो को थाने लेकर गए..

सीधी में लोगों ने पकड़ा ऑटो.

हाइलाइट्स

  • सीधी में लोगों ने बीच सड़क एक ऑटो पकड़ा
  • ऑटो में अंदर देखा तो खून खौल उठा, फिर जो हुआ
  • नाराज लोगों ने ऑटो पकड़कर पुलिस को सौंप दिया

रिपोर्ट: हरीश द्विवेदी/सीधी
Sidhi News:
मध्य प्रदेश के सीधी से टेंशन वाली खबर ने पैरेंट्स को परेशान कर दिया है. सेमरिया स्थित CM राईज स्कूल से निशुल्क वितरण के लिए छात्रों को दी जाने वाली प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं की किताबों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. आरोप है कि शिक्षा विभाग की लापरवाही से किताबें कबाड़ी के हाथों बेची जाती मिली हैं.

घटना की जानकारी तब मिली, जब सेमरिया के एक कबाड़ी ने 10 रुपये प्रति किलो के भाव निशुल्क किताबें खरीदने की कोशिश की. बताया जा रहा कि कबाड़ी ने इन किताबों को एक ऑटो में भरा और दुकान की ओर रवाना हुआ. रास्ते में ग्रामीणों ने ऑटो को रोक कर पूछताछ की तो मामला खुला. सूचना पुलिस एवं शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को दी गई.

कबाड़ी की ऑटों में किताबें
ग्रामीणों के अनुसार, इस विवादित प्रक्रिया में सेमरिया स्कूल के एक शिक्षक ने अपनी मर्ज़ी से किताबों को कबाड़ी को बेच दिया था. जांच में पता चला कि मामले में शामिल किताबें 2018 सत्र से लेकर 2023-24 सत्र तक की हैं. इनमें अधिकांश किताबें प्राथमिक तथा माध्यमिक कक्षा की हैं. बता दें कि इन किताबों को निशुल्क प्रदान किया जाना था, ताकि छात्रों को पढ़ाई में किसी भी प्रकार की बाधा न आए. लेकिन, ये किताबें न केवल छात्रों की पहुंच से दूर हैं, बल्कि कबाड़ी को बेचकर संबंधित लोग अपनी जेब भी गर्म कर रहे हैं.

भड़क गए ग्रामीण, कह दी बड़ी बात
स्थानीय ग्रामीणों ने विवाद के खुलासे के तुरंत बाद भारी मात्रा में किताबों से भरे ऑटो को पकड़ कर पुलिस थाने में सौंप दिया. सेमरिया थाना पुलिस ने तहसीलदार के निर्देशानुसार ऑटो को जब्त कर लिया है. आगे की कार्रवाई तहसीलदार के निर्देशानुसार ही की जाएगी. वहीं, ग्रामीणों का दावा है कि निशुल्क किताबों का उद्देश्य छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करना था, लेकिन इस घोटाले में शिक्षकों और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही साफ दिखाई दे रही है. मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो.

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शिक्षक ने बेचा, कबाड़ी वाला ऑटो में ले जा रहा था ‘बच्चों का भविष्य’, खौला खून



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