अमृत-2 प्रोजेक्ट के तहत बड़ी योजना
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तालाबों को सीवेज फ्री बनाने और शहर में बेहतर सीवरेज नेटवर्क तैयार करने की दिशा में बड़ा काम शुरू हो गया है। अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग ने बताया कि अगले 3 साल में 1032 करोड़ रु. खर्च कर 800 किमी लंबा नेटवर्क बिछाया जाएगा। इससे शहर का सीवेज कवरेज 23% से बढ़कर 60% तक पहुंच जाएगा।
आने वाले समय में कोलार, बाग मुगालिया, बैरागढ़, नेहरू नगर, कोटरा, अयोध्या बायपास, रायसेन रोड, अशोका गार्डन, जहांगीराबाद, ऐशबाग, करोंद और अरेरा कॉलोनी के लोगों को इस योजना से फायदा होगा। शहर में सीवेज की सबसे ज्यादा शिकायतें यहीं होती हैं।
फर्स्ट फेज में बड़ी झील और शाहपुरा समेत चार तालाब में सीवेज रोकेंगे
पहले फेज में 400 करोड़ रुपए खर्च कर हलालपुर, बैरागढ़, भैंसाखेड़ी, एयरपोर्ट रोड, त्रिलंगा, डीके कॉटेज, कोलार, चूना भट्टी, चार इमली आदि इलाकों में सीवेज नेटवर्क बिछाया जाएगा। इससे शाहपुरा, बड़ा तालाब, छोटा तालाब और चार इमली तालाब में सीवेज का बहाव पूरी तरह बंद हो जाएगा।
10 नए एसटीपी बनने के बाद ट्रीटमेंट क्षमता बढ़कर 360 एमएलडी होगी
इस काम के साथ शहर में 10 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) भी बनाए जाएंगे। अभी शहर में 201 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट की क्षमता है, जो तीन साल में 360 एमएलडी तक बढ़ेगी। सबसे बड़ा प्लांट देवलखेड़ी में 60 एमएलडी का होगा, वहीं बावड़िया कलां में 32 एमएलडी का एसटीपी बनेगा।
अभी सिर्फ 1.14 लाख घर कनेक्ट, 3 साल में 2.35 लाख नए घर और जुड़ेंगे
अभी शहर में 700 किमी का सीवेज नेटवर्क है, जो केवल 23% हिस्से को कवर करता है। पहले फेज में 210 किमी लाइन डाली जा रही है, जिससे 30 हजार घरों को जोड़ा जाएगा। पूरे प्रोजेक्ट में 2.35 लाख नए घर कनेक्ट होंगे। अभी सिर्फ 1.14 लाख घर जुड़े हैं।
15 पंप हाउस भी बनेंगे, इनसे निचले इलाकों से सीवेज खींचा जाएगा
इसके अलावा तीन पैकेज में 15 पंप हाउस बनाए जाएंगे। गुफा मंदिर, बर्रई, दीपड़ी, अयोध्या नगर, खजूरी कलां, बरखेड़ा पठानी, बागमुगालिया, नवीन नगर और चेतक ब्रिज के पास ये स्थापित होंगे। अमृत-1 में पहले ही 49 पंप हाउस बनाए जा चुके हैं।
प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद किसी भी तालाब में नहीं मिलेगा सीवेज अगले तीन साल में आधे से ज्यादा घरों को सीवेज नेटवर्क से जोड़ने का टारगेट है। अधिकारियों का दावा है कि प्रोजेक्ट पूरा होते ही शहर के किसी भी तालाब में सीवेज नहीं जाएगा। इससे शहर के तालाब ज्यादा निर्मल और खूबसूरत नजर आएंगे।