Vegetable Farming: सितंबर में करें इन खास सब्जियों की खेती, दीपावली से पहले नोटों से भर जाएगी जेब!

Vegetable Farming: सितंबर में करें इन खास सब्जियों की खेती, दीपावली से पहले नोटों से भर जाएगी जेब!


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Vegetable Farming Tips: सितंबर का महीना किसानों के लिए नए अवसर लेकर आता है. इस समय अगर किसान धान गेहूं पर निर्भर रहने के बजाय कुछ हरी सब्जियां उगाएं तो त्योहारी सीजन तक उनकी अच्छी आमदनी हो सकती है.

अगर किसान सितंबर के महीने में सही सब्जियों की बुवाई करें तो दीपावली से पहले ही उनकी जेबें नोटों से भर सकती हैं. बाजार में त्योहारों के सीजन में हरी सब्जियों की मांग कई गुना बढ़ जाती है और कीमतें भी तेजी से ऊपर जाती हैं.

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धान और गेहूं जैसी परंपरागत फसलों के साथ-साथ अब किसान सब्जियों की खेती करके सीधा मार्केट से जुड़ सकते हैं. लोकल 18 से आरएचईओ मीनाक्षी वर्मा ने कहा कि हरी सब्जियां तेज उत्पादन और कम लागत में मुनाफा देती हैं, जिससे किसानों के लिए सितंबर की खेती सुनहरा मौका साबित हो सकती है.

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किसान सितंबर में काले टमाटर की खेती कर बड़ी कमाई कर सकते हैं. हल्की और उपजाऊ मिट्टी में यह फसल 3-4 महीने में तैयार हो जाती है. एक एकड़ खेत से लगभग 200 क्विंटल उत्पादन मिल सकता है जिससे 4 से 5 लाख रुपये तक का फायदा होता है.

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मूली को आमतौर पर ठंडी जलवायु की फसल माना जाता है लेकिन पॉलीहाउस तकनीक से किसान इसे सितंबर में भी उगा सकते हैं. इसकी उन्नत किस्में 40-50 दिन में तैयार हो जाती हैं. इस तरह किसान सिर्फ दो महीने में बाजार में मूली बेचकर अच्छा मुनाफा ले सकते हैं.

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गाजर की बुवाई अगस्त से नवंबर तक की जाती है और अक्टूबर तक बाजार में इसकी आवक शुरू हो जाती है. कम अवधि वाली किस्म लगाकर किसान दो महीने में ही तैयार फसल बेच सकते हैं. कई किसान गाजर को खेत की मेड़ पर भी लगाकर अतिरिक्त कमाई करते हैं.

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सितंबर में बैंगन की खेती शुरू करना किसानों के लिए फायदेमंद है. सर्दियों के मौसम में इसकी मांग तेजी से बढ़ जाती है. जैविक तरीके से बैंगन की खेती करने पर लागत कम आती है और स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह सब्जी ज्यादा पसंद की जाती है.

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हरी मिर्च ऐसी फसल है, जिसकी बाजार में मांग हर मौसम में बनी रहती है. सितंबर में इसकी बुवाई करने पर भी किसान बेहतर उत्पादन ले सकते हैं. ध्यान देने वाली बात यह है कि सिंचित इलाकों और रोग प्रतिरोधी किस्मों से ही अच्छी उपज मिलती है.

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अगर किसान परंपरागत फसलों के साथ मूली, गाजर, बैंगन, मिर्च और काले टमाटर जैसी सब्जियों की खेती करें तो त्योहारों से पहले ही अच्छी कमाई कर सकते हैं. सितंबर का महीना खेती और कारोबार दोनों नजरिए से किसानों के लिए बेहद सुनहरा साबित हो सकता है.

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सितंबर में करें इन खास सब्जियों की खेती, दीपावली से पहले नोटों से भर जाएगी जेब



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