इस पक्षी का बुंदेलखंड में खौफ, शाम होने से पहले ही महिलाएं करती हैं ये काम

इस पक्षी का बुंदेलखंड में खौफ, शाम होने से पहले ही महिलाएं करती हैं ये काम


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Sagar News: अगर अरूआ पक्षी किसी बच्चे के कपड़े उठाकर ले गया है, तो या तो जब तक कपड़ा सड़कर खराब नहीं हो जाएगा, तब तक या फिर जब तक बच्चे का मुंडन नहीं हो जाएगा, तब तक बच्चे की तबीयत खराब रहती है.

सागर. बुंदेलखंड में अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी शाम होते ही घर की छत पर मुंडेर पर या घर के बाहर डाले गए कपड़ों को इकट्ठा कर अंदर रख लिया जाता है. खासकर छोटे-छोटे बच्चों के कपड़ों को लेकर लोग काफी संवेदनशील होते हैं. शाम होते ही गलती से भी बच्चों के कपड़ों को बाहर नहीं रहने देते हैं और ऐसा सदियों से होता आ रहा है. माना जाता है कि अरूआ पक्षी घर के बाहर पड़े कपड़ों को उठाकर ले जाता है. इससे समस्या कपड़ों को ले जाने की नहीं है बल्कि उसके द्वारा महीनों तक इन कपड़ों को कभी पानी में डुबोया जाता है, तो कभी रेत में दबा दिया जाता है और कभी वह कपड़ों को पेड़ पर लटका देता है. ऐसा करना अशुभ तो माना ही जाता है, साथ ही वह बच्चा तब तक बीमार भी रहता है, जब तक वह कपड़ा पूरी तरह से खराब न हो जाए और अरूआ उसको छोड़ न दे, इसलिए लोगों में यह डर रहता है.

सागर निवासी 70 वर्षीय द्रौपदी बाई गौतम लोकल 18 को बताती हैं कि उनकी सास ऐसा कहती थीं कि जो बच्चे जन्म लेते हैं और जब तक उनका मुंडन नहीं हो जाता यानी कि पेट से निकलने के बाद बच्चों के जो बाल रहते थे, उनको झालर कहते हैं और जब तक झालर रहती है, तब तक बच्चों के कपड़े शाम होने से पहले उठा लेने चाहिए. अगर कपड़े अरूआ पक्षी ले गया, तो वह अगर नदी के पानी में उन्हें डुबोकर जब तक रखेगा, तब तक बच्चा अच्छा रहेगा, खाता-पीता खेलता रहेगा लेकिन अगर उसने सूखने के लिए रेत पर या पेड़ पर रख दिया, तो बच्चा भी दुबला-पतला होने लगेगा और बीमार पड़ जाएगा. यही वजह है कि हम लोग तो आज भी अगर घर परिवार में बच्चे होते हैं, तो उनके कपड़े शाम होने से पहले ही उठाकर रख लेते हैं.

उल्लू जैसा दिखता है अरूआ
उन्होंने आगे बताया कि अगर अरूआ किसी बच्चे के कपड़े उठा ले गया है, तो या तो जब तक वह सड़कर खराब नहीं हो जाएगा, तब तक या फिर जब तक मुंडन नहीं हो जाएगा, तब तक बच्चे की तबीयत खराब रहेगी. इसके बाद ही वह ठीक हो पाता है. कई बच्चे तो भारी मुश्किल में भी पड़ जाते हैं. अरूआ उल्लू के जैसा दिखता है लेकिन इसकी चोंच लंबी होती है और इसका माथा नाक तक रहता है. यह पक्षी छपकीले रंग का होता है.

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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