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यह बात ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के चीफ और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहीं है। दरअसल, ओवैसी का यह बयान खंडवा में पुलिस द्वारा एक मस्जिद के सदर के खिलाफ धारा 223 के तहत की गई कार्रवाई को लेकर हैं।
ओवैसी ने एक सभा में खंडवा में हुई कार्रवाई को लेकर रविवार को अपनी प्रतिक्रिया दी हैं। मजलिस नाम के सोशल मीडिया अकाउंट पर असदुद्दीन ओवैसी ने वीडियो पोस्ट किया। जिसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा है।
मस्जिद के सदर व इमाम पर हुई थी एफआईआर।
बाहरी व्यक्ति की सूचना न देने पर की थी एफआईआर
बता दें कि, खंडवा में थाना खालवा पुलिस ने 9 सितंबर को धारा 223 (कलेक्टर के आदेश का उल्लंघन) के तहत मामला दर्ज किया था। मामला यह था कि खारकला गांव में एक मस्जिद के सदर ने एक बाहरी व्यक्ति को नमाज पढ़ाने के लिए रखा था, जिसकी सूचना पुलिस को नहीं दी।
मस्जिद में बिहार से आए अख्तर रजा नामक एक व्यक्ति को नमाज पढ़ाने के लिए सदर मोहम्मद हनीफ ने ठहराया था। इस पर पुलिस ने मोहम्मद हनीफ के खिलाफ दर्ज कर लिया था।