झाबुआ में मंगलवार को एक विधवा महिला ने कलेक्टर नेहा मीना से मिलकर महिंद्रा शोरूम के जनरल मैनेजर मिथिलेश राठौर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि शोरूम उनकी स्कॉर्पियो कार वापस नहीं कर रहा है और मैनेजर ने उनके मानसिक रूप से बीमार पति के साथ ध
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ये है पूरा मामल
महिला के अनुसार, उनके पति ने 31 अक्टूबर 2022 को यह स्कॉर्पियो खरीदी थी। कुल 32 लाख 30 हजार रुपए का भुगतान किया गया था, जिसमें 5 लाख 50 हजार रुपए बैंक ट्रांजैक्शन, 3 लाख 50 हजार रुपए पुनः बैंक ट्रांजैक्शन, 3 लाख 80 हजार रुपए नकद और एसबीआई बैंक से 19 लाख 50 हजार रुपए का लोन शामिल था। गाड़ी खरीदने के कुछ समय बाद, 13 नवंबर 2022 को उसका एक्सीडेंट हो गया।
महिला का आरोप है कि जनरल मैनेजर राठौर ने गाड़ी का बीमा क्लेम स्वीकार नहीं किया और मरम्मत का लगभग 4-5 लाख रुपए का खर्च पति पर डाल दिया। इस घटना के सदमे से उनके पति की मानसिक स्थिति बिगड़ गई और 26 जून 2024 को उन्होंने आत्महत्या कर ली।
गाड़ी वापस लौटाने की गुहार लगाई
पति की मृत्यु के बाद महिला अपने छोटे बच्चों के साथ कई बार शोरूम गईं और गाड़ी वापस लौटाने की गुहार लगाई, ताकि वे उसे बेचकर कर्ज चुका सकें। इसी दौरान बैंक ने बिना किसी पूर्व सूचना के फर्म के खाते को फ्रीज कर दिया और लोन की 3.50 लाख रुपए की किस्तें काट लीं।
महिला ने आरोप लगाया है कि जनरल मैनेजर मिथिलेश राठौर उनसे अभद्र व्यवहार करते हैं। गाड़ी वापस लौटाने के बदले में वह उनसे अकेले में मिलने, कहीं बाहर घूमने जाने और होटल में रूम बुक कराने का दबाव बनाते हैं।
किराए के मकान में रह रही पीड़िता ने इस उत्पीड़न और धोखाधड़ी के मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए कलेक्टर नेहा मीना से हस्तक्षेप की मांग की है।