Ground Report: सब्जियां धोने के बाद भी खा रहे आप जहर, नाले से हो रही सिंचाई, कैंसर होने का बढ़ा खतरा

Ground Report: सब्जियां धोने के बाद भी खा रहे आप जहर, नाले से हो रही सिंचाई, कैंसर होने का बढ़ा खतरा


जबलपुर. अगर आपके घर में हरी और ताजी सब्जियां आ रही हैं और आप उन सब्जियों को धोकर भी खा रहे हैं. तो भी सावधान हो जाइए क्योंकि यह सब्जियां नाले के पानी का इस्तेमाल कर उगाई जा रही हैं. जी हां! यह सुनकर आपको जरूर झटका लग रहा होगा, लेकिन यही सच है. दरअसल मध्यप्रदेश के जबलपुर में सब्जियों की सिंचाई के लिए नाले के पानी का इस्तेमाल हो रहा है. एक्सपर्ट्स के अनुसार इन सब्जियों को खाने के बाद आपको कैंसर तक हो सकता है.

लोकल 18 की टीम इसी बात की तहकीकात करने ग्राउंड जीरो पर जबलपुर से गुजरने वाले तीन बड़े नाले खंदारी नाले, कठौंदा नाले और ओमती नाले पहुंची. जहां से होकर शहर के घरों, होटल्स और हॉस्पिटल्स का सीवेज गुजरता है. जब हम नगर निगम, जबलपुर की सीमा से करीब 1 किलोमीटर दूर पड़वार खुर्द गांव पहुंचे. तब नाले से ही गांव के सारे खेतों में हरी सब्जियों की सिंचाई की जा रही थी. हालांकि यह नजारा सिर्फ इसी गांव में ही नहीं बल्कि नाले के किनारे उगाई जा रही सभी खेतों में दिखाई दे रहा था.

मोटर पंप रखकर पाइप से खींचा जाता हैं नाले का पानी

गांव की दर्जनों किसान खेतों में सिंचाई के लिए बोरवेल का इस्तेमाल न कर गुजरने वाले नाले में बकायदा मोटर पंप रखते हैं और उन्हीं मोटर पंप से नाले का गंदा पानी खींचकर खेतों में उगाई गई हरी सब्जियों की सिंचाई करते हैं. जिसके बाद जहरीली सब्जियों को जबलपुर की मंडियों सहित कई इलाकों में बेचा जाता है. जब हमारी टीम गांव के अंदर पहुंची. तब ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिला, जहां नाले में तार और खेत किनारे पाइप बिछे हुए थे, महिलाएं इन्हीं पानी से उगाई गई हरी धनिया को तोड़ रही थी.

नाले किनारे डले मृत मवेशी, खड़ा रहना तक मुश्किल
जिस नाले के किनारे हरी सब्जियां को तोड़ा जा रहा था, इस नाले के किनारे मृत मवेशी तक डले हुए थे. गंदगी का इतना अंबार था कि नाले किनारे खड़े रहने में भी दम घुट रहा था, लेकिन इन्हीं नाले के किनारे महिलाएं हरी सब्जियों को तोड़ रही थी. धनिया तोड़ रही किसान माया का कहना है जिस खेत के नजदीक नाला पड़ता है, वहां इसी तरह से खेती की जाती है क्योंकि दूसरा साधन ही नहीं है. गांव में धनिया के अलावा गोभी, मूली मेथी, पालक, लाल भाजी और मिर्च सहित मटर की खेती की जाती है.

एक्सपर्ट्स बोले; नाले की सब्जियों से कैंसर तक का खतरा

जवाहरलाल नेहरू कृषि यूनिवर्सिटी जबलपुर के एक्सपर्ट हितेंद्र कुमार का कहना है नाले के पानी से उगाई जा रही सब्जियां सेहत के लिए काफी हानिकारक हैं. हालांकि लंबे वक्त वाली फसलों में नाले के पानी की सिंचाई का असर ज्यादा नहीं पड़ता. लेकिन पत्तेदार सब्जियां के लिए यह बेहद खतरनाक है क्योंकि ऐसी सब्जियों में निकिल, लेड क्रोमियम, केडमियम जैसे हेवी मेटल अटैक करते हैं. जहां पहले यह मेटल मिट्टी में जाएंगे और फिर पौधे के अंदर जाकर जहरीले हो जाते हैं. इसके सेवन करने के बाद शरीर की हड्डी कमजोर होगी ही इसके अलावा कैंसर और टीवी जैसी बीमारी तक हो सकती हैं.

सब्जियों को धोने पर भी नहीं निकाला जा सकता केमिकल्स 

एक्सपर्ट्स का कहना है इन हरी सब्जियों को बार-बार धोने पर भी केमिकल्स नहीं जाते क्योंकि यह केमिकल्स हार्मफुल होते हैं, जो एक बार सब्जियों के अंदर फिक्स हो जाते हैं. तब इन्हें धोकर निकालना बेहद मुश्किल है इसीलिए नाले से उगाई गई सब्जियां सेहत के लिए हानिकारक है.

कलेक्टर बोले; कार्रवाई की जा रही है, सैंपल को लैब भेजा गया 

पूरे मामले में जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह का कहना है नाले से सब्जियों की सिंचाई करने वाले लोगों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है. मोटर पंप जब्त किए जा रहे हैं और सब्जियों की सैंपलिंग लेकर टेस्टिंग लैब भेजा गया है लेकिन सवाल यही उठता है आखिर यह कैसी कार्यवाही हैं. जहां ऐसे किसान अभी भी जिला प्रशासन के नजरों से दूर हैं. बहरहाल  नाले से उगाई जा रही सब्जियों का पूरा मामला हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है, बावजूद इसके जबलपुर जिले में अभी भी धड़ल्ले से नाले के पानी से सिंचाई की जा रही है और इन्हीं सब्जियों को मार्केट तक पहुंचाया जा रहा हैं.



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