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Mandu Tourism: मध्य प्रदेश का ऐतिहासिक नगर मांडू प्रेम, रहस्य और शाही वैभव की कई कहानियों को अपने भीतर समेटे हुए है. 15वीं–16वीं शताब्दी में यहां सुल्तानों और रानियों के प्रेम की निशानियां आज भी इमारतों के रूप में मौजूद हैं. बाज बहादुर, रूपमती की कहानी के साथ चंपा बावड़ी और रानियों से जुड़े किस्से मांडू को और खास बनाते हैं.
भारत में मुगल और अफगान शासकों के दौर में प्रेम कहानियां सिर्फ महलों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि स्थापत्य में भी उतर आईं. मांडूगढ़ इसका सबसे सुंदर उदाहरण है. यहां मालवा के सुल्तान बाज बहादुर और उनकी प्रिय रानी रूपमती की प्रेम कहानी तो मशहूर है ही, लेकिन इसके साथ सुल्तानों की रानियों और चंपा बावड़ी से जुड़ी कथाएं भी इतिहास में दर्ज हैं.

16वीं शताब्दी के सुल्तान बाज बहादुर कला, संगीत और प्रेम के लिए जाने जाते थे. नर्मदा घाटी में गाते हुए मिली रूपमती की मधुर आवाज ने उन्हें मंत्रमुग्ध कर दिया. रूपमती को मांडू लाकर उन्होंने न सिर्फ रानी बनाया, बल्कि उनके लिए पहाड़ी पर भव्य महल भी बनवाया, जहां से नर्मदा के दर्शन हो सकें.

रूपमती महल और बाज बहादुर महल आमने-सामने बने हुए हैं. कहा जाता है कि शाम के समय इन महलों के बीच संगीत और प्रेम की अनुभूति होती थी. रानी रूपमती की गायकी और सुल्तान का संगीत प्रेम इस रिश्ते को और गहरा बनाता था. आज भी पर्यटक इन महलों में उस दौर की प्रेम-गूंज महसूस करते हैं.
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मांडू में स्थित चंपा बावड़ी भी शाही प्रेम और रानियों की जिंदगी से जुड़ी अनोखी निशानी है. यह बावड़ी सुल्तानों की रानियों के लिए बनाई गई थी, जहां वे जल क्रीड़ा, विश्राम और आपसी मेल-मुलाकात किया करती थीं. चार मंजिला इस बावड़ी के नीचे बने कमरे गर्मी में भी ठंडे और ठंड में गर्म रहते थे. जिससे रानियों को सुकून मिलता था.

इतिहासकारों के अनुसार, चंपा बावड़ी सिर्फ जल एकत्रित करने के लिए नहीं थी, बल्कि शाही जीवन का अहम हिस्सा थी. कहते हैं कि इस बावड़ी के नीचे बने गुप्त कमरों में वह रानियां रहती थीं, जिन्हें राजा कम पसंद करते थे. बावड़ी की भूल-भुलैया जैसी बनावट इसे और रहस्यमय बनाती है, जो आज भी पर्यटकों को हैरान कर देती है.

बरहाल, बाज बहादुर और रूपमती की प्रेम कहानी का अंत दुखद रहा. अकबर के आक्रमण के बाद बाज बहादुर को मांडू छोड़ना पड़ा. इस वियोग को रूपमती सह नहीं सकीं. कहा जाता है कि इसी दर्द ने इस प्रेम कहानी को अमर बना दिया, जो मांडू की हर इमारत में झलकती है.

आज मांडू पर्यटन का प्रमुख केंद्र है. रूपमती महल, बाज बहादुर महल और चंपा बावड़ी की अद्भुद कलाकृतियों देखने देश-विदेश से पर्यटक आते हैं. खासकर कपल्स इस जगह को प्रेम की निशानी मानते हैं. सूर्यास्त के समय पहाड़ियों और बावड़ी का दृश्य इस ऐतिहासिक प्रेम को और जीवंत कर देता है.