दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर 31 दिसंबर की रात पटेरा ब्लॉक के घोघरा गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ देर रात जन चौपाल लगाई, उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए। कुछ अन्य समस्याओं के लिए समय सीमा तय की गई।
.
यह दौरा 29 दिसंबर को कुम्हारी में हुए जिला पंचायत सदस्य उपचुनाव के बाद हुआ। घोघरा गांव के ग्रामीणों ने मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण मतदान का बहिष्कार कर दिया था। उनका कहना था कि गांव में कोई सुविधा नहीं है, इसलिए वे वोट नहीं देंगे।
मतदान बहिष्कार करने पर कलेक्टर घोघरा गांव पहुंचे
मतदान बहिष्कार की जानकारी मिलने पर कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर घोघरा गांव पहुंचे थे। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि वे पहले मतदान करें, जिसके बाद 31 दिसंबर को उनके गांव में सभी शासकीय विभागों का एक बड़ा शिविर लगाया जाएगा। साथ ही, उसी रात वे ग्रामीणों के बीच चौपाल भी लगाएंगे।
अपने वादे के अनुसार, 31 दिसंबर की सुबह से ही गांव में समस्त शासकीय विभागों का एक शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में ग्रामीणों की कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया।
शिविर के बाद रात में जन चौपाल लगाई गई। कलेक्टर ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठे और एक-एक ग्रामीण की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल समस्याओं का हल करने के निर्देश दिए, जिससे ग्रामीणों को राहत मिल सके।
कलेक्टर बोले- समस्याओं का मौके पर ही समाधान
कलेक्टर ने बताया कि इस दौरान आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड बनाए गए हैं। पशुपालन विभाग से संबंधित समस्याओं का निराकरण किया गया है। जन चौपाल में ग्रामीणों ने जो समस्याएं बताईं कई समस्याओं का निराकरण मौके पर ही किया गया है एवं अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए एक महीने की समय अवधि तय की गई है।
इस अवधि के अंदर ग्रामीणों की सभी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। उनके साथ हटा एसडीएम राकेश कुसरे के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी व प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।