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Agriculture News: पेस्टीसाइड एक्सपर्ट अमित सिंह लोकल 18 को बताते हैं कि इस स्प्रे से बालियां लंबी आती हैं और दानों का अच्छा भराव होता है. बोरान पौधों के प्रजनन के विकास में मदद करता है, जिससे दानों की संख्या और वजन दोनों बढ़ते हैं.
सतना. रबी सीजन में गेहूं की फसल जब अपने निर्णायक दौर में पहुंचती है, तब किसान भाइयों की थोड़ी सी समझदारी उनकी मेहनत को कई गुना मुनाफे में बदल सकती है. जिन किसानों ने अब तक अपने खेतों में दो से तीन बार सिंचाई कर दी है, उनके लिए यह समय बेहद अहम है. इस चरण में फसल की बढ़वार, कल्लों की संख्या, तने की मजबूती और आगे चलकर बालियों का सही विकास पूरी तरह पोषण और सही स्प्रे पर निर्भर करता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, यदि इस समय वैज्ञानिक तरीके से कुछ खास तत्वों का संतुलित उपयोग कर लिया जाए, तो गेहूं की उपज में जबरदस्त इजाफा किया जा सकता है. सही मिश्रण का छिड़काव न सिर्फ फसल को ताकत देता है बल्कि रोगों से बचाव कर दानों की गुणवत्ता भी सुधारता है जिससे किसान को सीधा फायदा मिलता है.
जिंक और सल्फर क्यों इतने जरूरी?
उन्होंने कहा कि जिंक गेहूं की फसल के लिए बेहद अहम पोषक तत्व है. यह जड़ों के विकास में मदद करता है और पौधे को मजबूत बनाता है. जिंक की सही मात्रा मिलने से फसल में अधिक कल्ले निकलते हैं और दानों का आकार बेहतर होता है. वहीं सल्फर प्रोटीन निर्माण में सहायक होता है और फफूंदनाशक का भी काम करता है. इससे फसल स्वस्थ रहती है और रतुआ जैसे खतरनाक रोगों से बचाव होता है. इन दोनों तत्वों के संतुलित उपयोग से गेहूं की समग्र पैदावार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी जा सकती है.
तीसरा पानी और बूटिंग स्टेज पर सुझाव
उन्होंने आगे कहा कि जो किसान भाई अब तीसरा पानी लगा रहे हैं और जिनकी फसल में गांठें बनने लगी हैं यानी बूटिंग स्टेज शुरू हो चुकी है, उनके लिए भी ऐसा ही एक छिड़काव जरूरी है. इस अवस्था में एचडी 5234 के साथ बोरान का स्प्रे करने से बेहतर परिणाम मिलते हैं. इसे भी 125 लीटर पानी में मिलाकर एक एकड़ क्षेत्र में छिड़काव किया जाता है. अमित सिंह बताते हैं कि इस स्प्रे से बालियां लंबी आती हैं और दानों का भराव अच्छा होता है. बोरान पौधों के प्रजनन विकास में मदद करता है, जिससे दानों की संख्या और वजन दोनों बढ़ते हैं.
सही समय पर सही कदम
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि गेहूं की फसल में सही समय पर पोषक तत्वों और स्प्रे का उपयोग ही सफलता की कुंजी है. दो बार पानी लगने के बाद एचडी 1152 और चिलम मैक का छिड़काव और तीसरे पानी के समय बूटिंग स्टेज पर एचडी 5234 के साथ बोरान का स्प्रे करने से फसल न सिर्फ मजबूत होती है बल्कि रोगों से भी सुरक्षित रहती है. यदि किसान भाई इन सलाहों को समय पर अपनाते हैं, तो उनकी गेहूं की पैदावार उम्मीद से कहीं ज्यादा हो सकती है और उन्हें अच्छा मुनाफा मिल सकता है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.