मंदसौर कोतवाली थाना पुलिस ने टैक्स धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में शुक्रवार को मैहर जिले के थाना रामनगर क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने जीएसटी और इनकम टैक्स रिटर्न भरने के नाम पर व्यापारी के साथ सुनियोजित तरीके से लाखों रुपए की धोखाधड़ी की, वहीं शासन को भी भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया। दरअसल, 11 जनवरी 2026 को फरियादी प्रभुलाल माली, निवासी रामटेकरी, मंदसौर ने थाना कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई। बताया कि आरोपी नीलेश सिंह वर्ष 2017 से उसके जीएसटी और इनकम टैक्स का कार्य देख रहा था। इससे पहले आरोपी प्रतीक डोसी की कंपनी में कार्यरत था, जहां से फरियादी का उससे परिचय हुआ। आरोपी मंदसौर की जमींदार कॉलोनी, रामटेकरी में किराए से रह रहा था। इसी दौरान उसने फरियादी के जीएसटी अकाउंट में दर्ज मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी हटाकर अपने नंबर और ई-मेल अपडेट कर दिए, जिससे जीएसटी रिबेट और विभागीय सूचनाएं फरियादी तक नहीं पहुंच सकें। फर्जी बिलों से शासन को भी नुकसान
आरोपी ने फरियादी के जीएसटी अकाउंट का दुरुपयोग करते हुए अन्य फर्मों के फर्जी बिल पास किए, जिससे शासन को लाखों रुपए की राजस्व हानि हुई। इसके बदले आरोपी ने संबंधित फर्मों से कमीशन के रूप में लाखों रुपए प्राप्त किए। मई 2025 में शासकीय भुगतान मिलने के बाद जब जून 2025 में फरियादी ने आय-व्यय का रिटर्न भरने के लिए आरोपी से संपर्क किया, तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया। जब फरियादी और उसका बेटा सुनील माली आरोपी के किराए के मकान पर पहुंचे, तो पता चला कि वह 5–6 माह पहले ही मकान खाली कर फरार हो चुका था। बाद में अन्य व्यक्ति से टैक्स कार्य करवाने पर पूरे धोखाधड़ी प्रकरण का खुलासा हुआ। अपराध दर्ज, 800 किमी दूर जाकर गिरफ्तारी
फरियादी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में केस दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने लगभग 800 किलोमीटर दूर जिला मैहर में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया और शुक्रवार दोपहर मंदसौर लाया गया। पूछताछ में बड़ा खुलासा, 15-20 लाख की हेराफेरी
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने वर्ष 2017 से 2024 तक फरियादी का जीएसटी और इनकम टैक्स कार्य संभाला। इस दौरान उसने जीएसटी रिबेट अन्य फर्मों को पास कर फरियादी को करीब 15 से 20 लाख रुपए का नुकसान पहुंचाया। वास्तविक नुकसान से जुड़ी जानकारी आरोपी के लैपटॉप और टेली अकाउंट में सुरक्षित पाई गई है। आरोपी ने जानबूझकर फरियादी की ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर हटाकर अपने विवरण दर्ज किए थे। 30 जनवरी तक पुलिस रिमांड
जीएसटी रिबेट किन-किन फर्मों को पास की गई, लैपटॉप और दस्तावेजों की जब्ती तथा विस्तृत पूछताछ के लिए पुलिस ने न्यायालय से रिमांड मांगा, जिसे 8 दिवस के लिए मंजूर किया गया। आरोपी 30 जनवरी 2026 तक पुलिस रिमांड पर है।
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