एक महीने में आ जाएगी मप्र की अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी: अब सोलर-ग्रीन तकनीक से बनेंगे नए आवास, गार्डन व खुली जगह भी रहेगी – Bhopal News

एक महीने में आ जाएगी मप्र की अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी:  अब सोलर-ग्रीन तकनीक से बनेंगे नए आवास, गार्डन व खुली जगह भी रहेगी – Bhopal News




पीएम आवास योजना की जरूरतों के मुताबिक सुधारों व भविष्य में मप्र में किफायती आवासों की जरूरत पूरा करने के लिए मप्र एक महीने में अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी ले आएगा। बुधवार को सुंदरलाल पटवा राष्ट्रीय नगर प्रबंधन संस्थान, भौंरी में नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए), भोपाल के साथ ‘अफॉर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी’ पर चर्चा आयोजित की गई। आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि एसपीए पॉलिसी का अंतिम ड्राफ्ट 30 दिन में तैयार करेगा। नगर निगमों के आयुक्त, स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों भी मौजूद रहे। ग्रीन टेक्नोलॉजी से पार्क, गार्डन व खुले आवास बनेंगे पीएम आवास में मप्र में 7 लाख आवास बन चुके हैं। हालांकि, 2036 तक प्रदेश में 40 से 50 लाख आवासों की जरूरत होगी। एसपीए की प्रधान अन्वेषक प्रो. डॉ. श्युली मित्रा ने कहा कि उद्देश्य है कि निकाय खुद के स्रोत बनाएं, जैसे महंगी जमीनों से राजस्व लेकर सस्ते मकानों के लिए दें। सोलर, ग्रीन बिल्डिंग व नवकरणीय ऊर्जा जैसी तकनीकों से बेहतर आवास बनें। इनमें डिज़ाइन के स्तर पर बदलाव करके पार्क, गार्डन व खुली जगहों को भी जोड़ें। बस्तियां घनी हों: शहरों के केंद्र, बाहरी और बीच के इलाकों में अलग -अलग एफएआर रखे बस्तियां घनी करें। फैले हुई रिहाइश में पानी -सीवेज में अधिक संसाधन लगते हैं, घनी बस्तियों में थोड़ा आसान होगा। छोटे शहरों में काम एफएआर से ही हो। कई बार ईडब्ल्यूएस मार्किट रेट में नहीं बिक पाते, इनकी वायबिलिटी गैप फंडिंग के लिए रास्ते ढूंढेगे। इनकी समीक्षा: आयोजन में गीता भवन, स्मार्ट सिटी मिशन, शहरी सुधार कार्यक्रम, कर वसूली, ईवी वाहन, ई-नगरपालिका, ई-फाइलिंग आदि पर भी समीक्षा हुई। आयुक्त भोंडवे ने कहा कि प्रॉपर्टी आईडी की संख्या बढ़ाने- प्रॉपर्टी टैक्स संग्रहण के लिए अलग से कार्यशाला होगी। 25 फरवरी व 15 मार्च को निगमों में विशेष वसूली शिविर लगाएं।



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