ट्रैवल कंपनी को 2 लाख लौटाने का आदेश: उपभोक्ता फोरम ने हनीमून पैकेज में गड़बड़ी पर सुनाया फैसला – Gwalior News

ट्रैवल कंपनी को 2 लाख लौटाने का आदेश:  उपभोक्ता फोरम ने हनीमून पैकेज में गड़बड़ी पर सुनाया फैसला – Gwalior News




हनीमून ट्रिप में गड़बड़ी और राशि वापस न करने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग (उपभोक्ता फोरम) ग्वालियर ने बुधवार को एक ट्रैवल कंपनी को उपभोक्ता को दो लाख रुपए लौटाने का आदेश दिया है। आयोग ने अपने आदेश में माना कि पूरी राशि वापस न करना आंशिक रूप से सेवा में कमी की श्रेणी में आता है। मामले में ग्वालियर निवासी विक्रमजीत सिंह ने थ्रीलोफिलिया ट्रैवल्स प्रालि के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि शादी के बाद हनीमून के लिए न्यूजीलैंड ट्रिप का पैकेज लिया गया था, जिसके लिए कंपनी को 8.70 लाख रुपए का भुगतान किया गया था। पैकेज के तहत कंपनी को वीजा और यात्रा की पूरी व्यवस्था करनी थी। आवास व्यवस्था पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ा शिकायतकर्ता के अनुसार उसकी पत्नी का वीजा तो मिल गया, लेकिन उसका वीजा जारी नहीं हो पाया। इसकी जानकारी भी कंपनी ने यात्रा की निर्धारित तारीख से लगभग आठ घंटे पहले दी। इसके बाद ट्रैवल कंपनी ने न्यूजीलैंड की जगह इंडोनेशिया के बाली जाने का विकल्प सुझाया। बाली में उपलब्ध कराए गए होटल और अन्य सुविधाओं को शिकायतकर्ता ने निम्न स्तर का बताया। उनका कहना था कि उन्हें वहां अतिरिक्त खर्च कर अलग आवास की व्यवस्था करनी पड़ी। कंपनी बोली-वीजा जारी करना दूतावास का अधिकार वहीं ट्रैवल कंपनी ने आयोग के समक्ष तर्क दिया कि वीजा जारी करना दूतावास का अधिकार होता है और इसमें कंपनी की कोई भूमिका नहीं होती। कंपनी का यह भी कहना था कि कई बुकिंग रद्द होने के कारण केवल 1.40 लाख रुपए ही वापस किए जा सकते थे। दोनों पक्षों के तर्क और प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच के बाद आयोग ने माना कि वीजा न मिलने के लिए कंपनी को सीधेतौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन सेवा में कमी के लिए कंपनी उत्तरदायी है। इसी आधार पर आयोग ने कंपनी को शिकायतकर्ता को दो लाख रुपए लौटाने का आदेश दिया है।



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