रायसेन में गैस सिलेंडर के लिए एजेंसियों पर लंबी कतारें: मांग बढ़ते ही इंडक्शन चूल्हों की कीमत 500-700 रुपए बढ़ी, स्टॉक करने लगे उपभोक्ता – Raisen News

रायसेन में गैस सिलेंडर के लिए एजेंसियों पर लंबी कतारें:  मांग बढ़ते ही इंडक्शन चूल्हों की कीमत 500-700 रुपए बढ़ी, स्टॉक करने लगे उपभोक्ता – Raisen News




रायसेन जिले में इन दिनों गैस सिलेंडरों को लेकर एजेंसियों पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं। लोग सिलेंडर का स्टॉक भी कर रहे हैं, जिसके कारण मांग अचानक बढ़ गई है। हालांकि एजेंसी संचालकों का कहना है कि दोपहर तक अधिकांश उपभोक्ताओं को सिलेंडर उपलब्ध करा दिया जाता है, फिर भी कई लोगों को समय पर डिलीवरी नहीं मिल पा रही है। रविवार को भी बड़ी संख्या में उपभोक्ता गैस एजेंसियों पर पहुंचे। शहर के सागर रोड स्थित एमआर गैस एजेंसी और सांची रोड स्थित अमन गैस एजेंसी पर सुबह से ही लंबी लाइनें लग गईं। जिन उपभोक्ताओं ने 10 से 15 दिन पहले गैस सिलेंडर बुक कराया है, उनके घर तक भी कई बार समय पर डिलीवरी नहीं पहुंच पा रही है। इंडक्शन की मांग बढ़ी, कीमतों में उछाल
गैस सिलेंडरों की कमी और अनिश्चितता के चलते बाजार में इंडक्शन चूल्हों की मांग तेजी से बढ़ गई है। इसके साथ ही कीमतों में भी 500 से 700 रुपए तक का इजाफा हो गया है। रायसेन शहर के बर्तन व्यापार संघ के अध्यक्ष अरविंद ताम्रकार के अनुसार, जो इंडक्शन पहले करीब 2200 रुपए में मिल जाता था, वह अब 2700 से 3000 रुपए तक बिक रहा है। बड़ी कंपनियों के इंडक्शन की डिमांड ज्यादा होने से उनकी सप्लाई दुकानदारों तक पहुंचना भी बंद हो गई है। फिलहाल बाजार में छोटी कंपनियों के इंडक्शन ही उपलब्ध हैं। जिले में इतने गैस कनेक्शन
जिले में करीब 2 लाख 27 हजार गैस कनेक्शन हैं। इनमें से लगभग 1 लाख 71 हजार उज्ज्वला योजना के कनेक्शन हैं। वहीं जिले में करीब 8 हजार गैस सिलेंडरों का स्टॉक बताया जा रहा है। बढ़ती मांग के कारण एजेंसियों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। 80 होटल घरेलू सिलेंडर पर चल रहे
शहर के करीब 80 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट इन दिनों घरेलू गैस सिलेंडर से काम चला रहे हैं। होटल संचालकों का कहना है कि कमर्शियल सिलेंडर मिलना बंद हो गए हैं। मजबूरी में घरेलू सिलेंडर का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है। कुछ होटल संचालकों ने बताया कि पहले बाजार में 200 से 300 रुपए अधिक देकर सिलेंडर ब्लैक में मिल जाता था, लेकिन अब वह भी मिलना बंद हो गया है। इसके कारण कई होटलों को दुकान बंद करने या कर्मचारियों को हटाने तक की नौबत आ गई है। जिला प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और कालाबाजारी रोकने के लिए अलर्ट मोड में है। हालांकि खाद्य विभाग द्वारा अभी तक होटल, छोटे दुकानदारों और गैस का स्टॉक करने वालों की विशेष जांच नहीं की गई है। कमर्शियल सिलेंडर की कमी के कारण होटल और छोटे व्यापारी भी घरेलू गैस का उपयोग कर रहे हैं, जिससे सिलेंडरों की मांग और बढ़ गई है।



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