हाउसवाइफ ने बना डाला लाखों का कारोबार! किचन से निकलकर बनीं बिजनेसवुमन, पढ़ें सक्सेस स्टोरी

हाउसवाइफ ने बना डाला लाखों का कारोबार! किचन से निकलकर बनीं बिजनेसवुमन, पढ़ें सक्सेस स्टोरी


Last Updated:

Business Woman Success Story: रीवा की सीमा द्विवेदी ने हाउसवाइफ से सफल बिजनेस वुमन बनने तक का सफर तय किया है. आर्थिक तंगी से जूझते हुए उन्होंने सरकारी योजना का लाभ लेकर अपना पेवर ब्लॉक उद्योग शुरू किया. आज वे हर महीने लाखों की कमाई कर रही हैं और 12 से 20 लोगों को रोजगार दे रही हैं. उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें आत्मनिर्भर बना दिया है. यह कहानी हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो अपने दम पर कुछ बड़ा करना चाहता है.

Seema Dwivedi Successs Story: अगर इरादे मजबूत हों, तो हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, इंसान अपनी किस्मत खुद लिख सकता है. रीवा की सीमा द्विवेदी इसकी जीती-जागती मिसाल हैं. एक समय था जब वे एक सामान्य हाउसवाइफ थीं और परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, लेकिन आज वे एक सफल बिजनेस वुमन बन चुकी हैं.

मुश्किलों ने ही दिखाया नया रास्ता
सीमा बताती हैं कि परिवार चलाना मुश्किल हो रहा था. ऐसे में उन्होंने हार मानने के बजाय कुछ अलग करने का फैसला लिया. उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर खुद का व्यवसाय शुरू करने की ठानी और इसी सोच ने उनकी जिंदगी बदल दी.

सरकारी योजना से शुरू हुआ सफर
सीमा ने मध्यप्रदेश सरकार की उद्यम क्रांति योजना का लाभ लिया. इस योजना के तहत उन्हें बैंक से 15 लाख रुपए का लोन मिला. इसके साथ ही उन्होंने अपनी तरफ से भी 15 लाख रुपए लगाकर 2023 में पेवर ब्लॉक का कारखाना शुरू किया.

आज लाखों में कमाई, बढ़ता जा रहा कारोबार
शुरुआत से ही सीमा को इस बिजनेस में अच्छा रिस्पॉन्स मिला. धीरे-धीरे उनका काम बढ़ता गया और आज वे हर महीने लाखों रुपए की कमाई कर रही हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, वे हर महीने 40 से 50 हजार रुपए तक की बचत भी कर रही हैं.

दूसरों को भी दे रहीं रोजगार
सीमा का यह उद्योग सिर्फ उनकी जिंदगी नहीं बदल रहा, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार का जरिया बन गया है. आज उनके यहां 12 से 20 लोग काम कर रहे हैं और पूरे जिले से पेवर ब्लॉक के ऑर्डर मिल रहे हैं.

अब आगे की बड़ी तैयारी
सीमा अब यहीं रुकने वाली नहीं हैं. वे अपने इस बिजनेस को और बढ़ाने के साथ-साथ दूसरा उद्योग शुरू करने की तैयारी में हैं. अपने इसी काम से वे 8 लाख रुपए का लोन भी चुका चुकी हैं और बाकी भी धीरे-धीरे पूरा कर रही हैं. सीमा की कहानी यह बताती है कि अगर हिम्मत और मेहनत हो, तो कोई भी इंसान अपनी पहचान बना सकता है. आज वे न सिर्फ आत्मनिर्भर हैं, बल्कि दूसरों के लिए प्रेरणा भी बन चुकी हैं.

About the Author

Shweta Singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें



Source link