900 रुपए में मादा बछिया की गारंटी: 2–3 लीटर से बढ़कर 20 लीटर तक बढ़ेगा दूध उत्पादन, मालवा के किसानों को तकनीक का सहारा – Indore News

900 रुपए में मादा बछिया की गारंटी:  2–3 लीटर से बढ़कर 20 लीटर तक बढ़ेगा दूध उत्पादन, मालवा के किसानों को तकनीक का सहारा – Indore News




मालवा अंचल में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशु पालन विभाग ने ‘सेक्स सॉर्टेड सीमेन’ तकनीक के माध्यम से मादा बछिया (फीमेल काफ) के जन्म को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इंदौर जिले में क्षीरधारा योजना के तहत कृत्रिम गर्भाधान अभियान तेज किया गया है। इससे किसानों में उत्साह देखा जा रहा है और वे स्वेच्छा से योजना से जुड़ रहे हैं। योजना के तहत जिले के 98 गांवों में पशुओं की टैगिंग, वैक्सीनेशन और कृत्रिम गर्भाधान का लक्ष्य रखा गया है। विभाग के अनुसार तीन साल पहले शुरू हुई इस योजना को अब बेहतर प्रतिसाद मिल रहा है। उच्च नस्ल से 20 लीटर तक दूध संभव पशु पालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. दिनकर रार पाटिल ने बताया कि मालवा की स्थानीय गायें सामान्यतः 2 से 3 लीटर दूध देती हैं। वहीं, उच्च नस्ल के सांडों के सीमेन से जन्मी गायें 10 से 20 लीटर तक दूध देने की क्षमता रखती हैं। सीमेन बैंक में उच्च नस्ल के सांडों का सीमेन सुरक्षित रहता है। इसकी एक डोज से गर्भाधान कराया जाता है, जिसमें मादा बछिया के जन्म की संभावना अधिक रहती है। एक डोज की कीमत 900 रुपए तय की गई है। नर बछड़ों की घटती उपयोगिता, तकनीक बनी विकल्प पहले कृत्रिम गर्भाधान में नर या मादा बछड़े को लेकर अनिश्चितता रहती थी। अब कृषि में मशीनों के बढ़ते उपयोग से बैलों की जरूरत कम हो गई है। ऐसे में नर बछड़े किसानों के लिए आर्थिक रूप से कम उपयोगी रह गए हैं। इसी वजह से ‘सेक्स सॉर्टेड सीमेन’ तकनीक किसानों के लिए बेहतर विकल्प बन रही है। 20 हजार से ज्यादा पशुओं का रजिस्ट्रेशन विभाग के अनुसार इस साल अब तक साढ़े तीन सौ से अधिक घरों का सर्वे किया गया है और 20 हजार से ज्यादा पशुओं का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। पांच साल पहले हुई गणना के अनुसार इंदौर जिले में 4.13 लाख गायें थीं, जिनमें से 2.34 लाख दुधारू थीं। किसानों को बढ़ी आय की उम्मीद किसान ज्ञानचंद जामले और संतोष जामले सहित अन्य किसानों ने बताया कि उन्होंने दूसरे किसानों से प्रेरित होकर इस योजना का लाभ लिया है। उन्हें उम्मीद है कि मादा गाय के जन्म से दूध उत्पादन बढ़ेगा और आय में भी इजाफा होगा। पशुपालन विभाग का मानना है कि यह तकनीक मालवा क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।



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