गर्मी में दुधारू पशुओं के लिए आ गया प्रोटीन से भरपूर हरा चारा, खिलाने से बहने लगेगा दूध!

गर्मी में दुधारू पशुओं के लिए आ गया प्रोटीन से भरपूर हरा चारा, खिलाने से बहने लगेगा दूध!


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गर्मी में पशुओं के लिए आ गया प्रोटीन से भरपूर चारा, खिलाने से बहने लगेगा दूध!

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Hara Chara: बिना कांटों वाला कैक्टस जो प्रोटीन से भरपूर है. सागर कृषि केंद्र में इसकी खेती की जा रही है. गर्मी के मौसम में इसे नाम मात्र पानी की जरूरत होती है. इसमें इतना प्रोटीन होता है कि ये पशुओं में दूध बढ़ा देता है. सबसे खास बात इसे पानी की जरूरत बेहद कम होती है और एक बार लगाने पर 12 साल तक ये चारा देता है.

Summer Animal Food: सागर सहित पूरे बुंदेलखंड में गर्मी ने अपने तेवर दिखाना शुरू कर दिए हैं, एक तरफ जहां पारा तेजी से बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ हवाओं से नमी दिन पर दिन कम होती जा रही है. सुबह के बाद से ही घर के बाहर निकलने पर धूप चुभने लगती है. लोगों का गर्मी से हाल बेहाल होने लगा है. यह गर्मी केवल इंसानों को ही नहीं, बल्कि पेड़-पौधे, पशु-पक्षियों को भी परेशान करती है. जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती जाती है, दुधारू पशुओं में दूध उत्पादन कम होता जाता है, इसकी मुख्य वजह हरे चारे की कमी है.

पानी की कमी और कड़ी धूप की वजह से गर्मी में घास झुलस जाती है. खासकर बुंदेलखंड में लोग पीने के पानी के लिए तरसते हैं तो फिर घास के लिए इंतजाम करना उनके लिए कठिन हो जाता है. इन्हीं सब समस्याओं को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों द्वारा एक नए चारा तैयार किया गया है. इसको स्पाइनलेस कैक्टस यानी की बिना कांटों वाला कैक्टस कहा जाता है. यह चारा प्रोटीन से भरपूर है. गर्मी में नाम मात्र का पानी देने से भी इसका पेड़ हरा-भरा रहता है. ये पौधा बंजार जमीन में भी बढ़िया से उगता है. एक बार लगाने के बाद 10-12 साल तक चारा देता है.

गर्मी में भी बढ़ा देगा ये दूध
सागर कृषि विज्ञान केंद्र में मॉडल प्रदर्शनी के रूप में यह स्पाइनलेस कैक्टस लगा है, ताकि किसान इसे देखें और उगाना सीख सकें. कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. केएस यादव बताते हैं कि जहां सूखा पड़ता है, पानी की कमी होती है, वहां पर यह कैक्टस उस लगा सकते हैं. फिर इसके पत्तों को तोड़कर काटने के बाद भूसा में मिलकर पशुओं खिलाएं. इससे उन्हें प्रोटीन मिलता रहेगा. इस कैक्टस को खाने से पशुाओं में दूध तो बढ़ता ही है. प्रोटीन मिलने से उनका पेट भी भरा रहता है.

20 दिन में पानी दें तो भी रहेगा हराभरा
आगे बताया, इस कैक्टस को उगाने के लिए बीज या पौधे की जरूरत नहीं होती. इसकी पत्ती को ही तोड़कर इसे लगाया जा सकता है. पौधा उगने के बाद यह 10-12 साल तक होता रहता है. गर्मी में अगर इसको 20 दिन में एक बार पानी मिल जाए तो भी हराभरा रहेगा. अगर किसान के पास पशु नहीं हैं तो इसको बेच भी सकते हैं. इससे उसकी फसल बिना किसी लागत और मेहनत के तैयार होती रहेगी.

भूसे के साथ मिलाकर दें
सुबह-शाम इस कैक्टस का गाय-भैंस को दें. इसको 8-10 किलो भूसे की खुराक में दिया जाता है. इसमें 3 किलो कैक्टस, 1 किलो दाना और 4 किलो भूसा का मिक्सर बनाया जाता है. हो सकता है कि शुरुआत में पशु इसे खाने में आनाकानी करें, तो भूसा में मिलाकर खिलाते रहें, उन्हें आदत हो जाती है. फिर अच्छे से खाने लगते हैं.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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