कदवाया बीजासन माता का चमत्कारी मंदिर, नेत्र समस्याओं का होता है समाधान!

कदवाया बीजासन माता का चमत्कारी मंदिर, नेत्र समस्याओं का होता है समाधान!


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मंदिर में हर चतुर्दशी (चौदस) को विशेष भीड़ देखने को मिलती है. इस दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. नवरात्रि के दौरान तो यहां मेले जैसा दृश्य बन जाता है. भक्ति गीत, पूजा-अर्चना और श्रद्धालुओं की लंबी कतारें इस स्थान की आस्था को और मजबूत करती हैं.

शिवपुरी. मध्यप्रदेश के अशोक नगर जिले की ईसागढ़ तहसील के पास बसे कदवाया गांव में स्थित बीजासन माता मंदिर, कदवाया आस्था, इतिहास और लोकविश्वास का अनोखा संगम है. जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर यह मंदिर अपने प्राचीन स्वरूप, बारीक नक्काशीदार स्थापत्य और विशेष मान्यताओं के कारण दूर-दूर तक प्रसिद्ध है. शांत वातावरण और पहाड़ी परिवेश के बीच स्थित यह धाम श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक सुकून भी देता है.

लोगों के अनुसार, यहां माता के दरबार में सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने के बाद मंदिर के पवित्र जल को आंखों पर लगाने से नेत्र रोगों में राहत मिलती है. इसी विश्वास के साथ आसपास के गांवों ही नहीं, बल्कि अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. लोग अपनी समस्याएं लेकर आते हैं, माता से प्रार्थना करते हैं और मनोकामना पूर्ण होने पर धन्यवाद स्वरूप चढ़ावा चढ़ाते हैं.

नेत्र संबंधी समस्या से मिलती है आराम
इस मंदिर की एक अनोखी परंपरा भी है. मान्यता है कि जिन श्रद्धालुओं को नेत्र संबंधी समस्या में आराम मिलता है या उनकी मन्नत पूरी होती है, वे माता को सोने या चांदी से बनी आंखें अर्पित करते हैं. मंदिर में ऐसे चढ़ावे बड़ी संख्या में देखे जा सकते हैं, जो लोगों के गहरे विश्वास को दर्शाते हैं. यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और आज भी उतनी ही श्रद्धा के साथ निभाई जाती है. मंदिर परिसर की स्थापत्य कला भी विशेष आकर्षण का केंद्र है. पत्थरों पर की गई बारीक नक्काशी और प्राचीन शैली इस धरोहर की ऐतिहासिक महत्ता को दर्शाती है. इसी महत्व को देखते हुए इसका संरक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा किया जा रहा है.

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Mohd Majid

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