अनूपपुर पुलिस ने निगौरा के जंगल में मिली 16 वर्षीय लड़की की मौत की गुत्थी सुलझा ली है। बुधवार को इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक युवक और दो नाबालिग शामिल हैं। मामले की शुरुआत 15 अप्रैल को हुई, जब सिंघौरा निवासी शैलेश महरा ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी पत्नी (किशोरी) 14 अप्रैल से निगौरा रेलवे स्टेशन से लापता है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की ही थी कि 18 अप्रैल को उमरिया बीट के जंगल में एक पेड़ से लटका हुआ लड़की का शव बरामद हुआ। परिजन ने उसकी पहचान शहडोल जिले की रहने वाली गुड़िया मेहरा (बदला हुआ नाम) के रूप में की। प्रेम त्रिकोण और धोखे की कहानी पुलिस पूछताछ में पता चला कि मृतका गुड़िया अपनी बड़ी बहन के घर सिंघौरा आई थी, जहां उसका प्रेम प्रसंग अपनी बहन के देवर शैलेश महरा से शुरू हो गया। लेकिन कहानी में मोड़ तब आया जब पता चला कि शैलेश का संबंध एक अन्य नाबालिग लड़की से भी था। दो नाबालिगों के साथ मिलकर रची साजिश चौकी प्रभारी प्रवीण साहू के अनुसार, शैलेश ने गुड़िया को रास्ते से हटाने के लिए अपने दूसरे प्रेम संबंध वाली लड़की और एक अन्य नाबालिग लड़के के साथ मिलकर साजिश रची। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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