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बालाघाट के बिरसा के सरकारी अस्पताल से एक गंभीर चिंता करने वाला मामला सामने आया है. जिसने स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ सरकारी प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. इस अस्पताल में एक डॉक्टर पिछले 15 साल से एमबीबीएस की फर्जी डिग्री पर नौकरी रहा था और मरीजों का इलाज कर रहा था. मामला सामने आते ही विभाग पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
फर्जी एमबीबीएस की डिग्री और 15 साल से कर रहा इलाज
बालाघाट. मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे महकमे में हड़कंप मचा दिया है. जानकारी के अनुसार, एमबीबीएस की एक ही डिग्री पर अलग-अलग नाम और अलग-अलग चेहरों के जरिए नौकरी करने का मामला सामने आया है. आरोप है कि एक व्यक्ति पिछले करीब 15 साल से डॉक्टर बनकर सरकारी सेवा दे रहा है.
बताया जा रहा है कि सुनील कुमार सिंह नाम का व्यक्ति बिरसा के सरकारी अस्पताल में बीएमओ (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) के पद पर पदस्थ है. प्राथमिक जांच में सामने आया है कि जिस डिग्री के आधार पर वह नौकरी कर रहा है, उसमें नाम और पहचान को लेकर गंभीर संदेह है. इस खुलासे के बाद विभागीय स्तर पर अफरा-तफरी का माहौल है. वहीं सवाल यह भी कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो सकती है.
डिग्री असली है या फर्जी- बोले CMO
मामले की जानकारी मिलते ही बालाघाट के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी परेश उपलव ने कहा कि उन्हें इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के बाद ही यह तय हो पाएगा कि डिग्री असली है या फर्जी, और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही है.
सरकारी खाजाने से उठाता रहा लाखों का वेतन
इस मामले ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतने वर्षों तक यह गड़बड़ी कैसे चलती रही और किसी भी स्तर पर इसकी जांच क्यों नहीं हुई? साथ ही यह सरकारी खजाने से लाखों रुपये वेतन के रूप में किस आधार पर दिए गए?
फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही पूरे मामले का सच सामने आएगा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जा सकेगी.
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