महाकाल की नगरी में अनोखा मंदिर, सिद्धि की तलाश में दुनियाभर से आते तांत्रिक

महाकाल की नगरी में अनोखा मंदिर, सिद्धि की तलाश में दुनियाभर से आते तांत्रिक


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Ujjain News: उज्जैन के भैरवगढ़ क्षेत्र में नदी के किनारे स्थित विक्रांत भैरव मंदिर आस्था और रहस्य का अद्भुत संगम है. यह स्थान खासतौर पर तंत्र साधना के लिए मशहूर माना जाता है. मान्यता है कि यहां की गई साधना शीघ्र फल देती है और साधकों को मनचाही सिद्धियां प्राप्त होती हैं.

उज्जैन. विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन केवल आस्था का केंद्र ही नहीं बल्कि रहस्यमयी शक्तियों की भूमि भी मानी जाती है. यहां स्थापित अष्ट भैरवों में विक्रांत भैरव मंदिर का स्थान विशेष महत्व रखता है. दिन के समय इस मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, जो भक्ति और आस्था के साथ दर्शन करने पहुंचते हैं लेकिन जैसे ही रात का अंधेरा गहराता है, इस स्थान का माहौल पूरी तरह बदल जाता है. माना जाता है कि देर रात यहां तांत्रिक साधकों का आगमन शुरू हो जाता है, जो गूढ़ साधनाओं में लीन रहते हैं. मान्यता है कि विक्रांत भैरव मंदिर में की गई तंत्र-मंत्र साधना अत्यंत प्रभावशाली होती है और साधक की मनोकामनाएं पूर्ण करने में सहायक बनती है. यही कारण है कि देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से तांत्रिक यहां सिद्धि प्राप्त करने के उद्देश्य से आते हैं.

दरअसल इस मंदिर में वैसे तो रोजाना सैकड़ों भक्तों की भीड़ उमड़ती है लेकिन नवरात्रि के दौरान उज्जैन की आध्यात्मिक ऊर्जा अपने चरम पर होती है और इसी समय यहां तांत्रिक साधकों की संख्या भी बढ़ जाती है. मान्यता है कि अष्टमी के दिन तंत्र साधना का विशेष महत्व होता है, जब साधक सिद्धि प्राप्ति के लिए विशेष अनुष्ठान करते हैं. इसी अवधि में काल भैरव अष्टमी भी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है. धार्मिक विश्वास के अनुसार, इस दिन भगवान शिव ने काल भैरव रूप में अवतार लिया था, जिन्हें उनका उग्र और पूर्ण स्वरूप माना जाता है.

उज्जैन में काल भैरव का विशेष स्थान
देशभर में काल भैरव के कई प्रसिद्ध मंदिर हैं लेकिन उज्जैन का काल भैरव मंदिर तंत्र साधना के लिए खास पहचान रखता है. यहां की रहस्यमयी परंपराएं और अनुष्ठान भक्तों को आकर्षित करते हैं. इसी स्थान से जुड़े डबराल बाबा ने विक्रांत भैरव की साधना कर उन्हें स्थापित किया था. उनकी समाधि भी यहीं स्थित है, जो आज भी श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है.

यहां मिलती हैं सिद्धियां?
उज्जैन के भैरवगढ़ क्षेत्र में नदी के शांत किनारे पर बसा विक्रांत भैरव मंदिर रहस्य और आस्था का अद्भुत संगम है. यह स्थान खासतौर पर तंत्र साधना के लिए प्रसिद्ध माना जाता है. मान्यता है कि यहां की गई साधना शीघ्र फल देती है और साधकों को मनचाही सिद्धि प्राप्त होती है. इसी विश्वास के चलते देशभर से तांत्रिक और साधक इस पवित्र स्थल पर पहुंचते हैं. मंदिर का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर है, जो साधना को और प्रभावी बनाता है. भैरव की कृपा से यहां आने वाले श्रद्धालु अपने उद्देश्य में सफलता पाने की कामना करते हैं.

श्मशान घाट के पास स्थित है मंदिर
विक्रांत भैरव का मंदिर शिप्रा नदी के तट पर ओखलेश्वर श्मशान घाट के पास स्थित है. रात के अंधेरे में जब तांत्रिक इस स्थान पर तंत्र क्रियाएं करते हैं, तो यह दृश्य किसी के मन में भय उत्पन्न करने के लिए काफी है. तंत्र शास्त्र के अनुसार, नदी के किनारे स्थित श्मशान सिद्धियां पाने के लिए उपयुक्त स्थान होता है. यही विशेषता इस मंदिर में भी देखने को मिलती है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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