नई दिल्ली. क्रिकेट के मैदान पर अक्सर कुछ पल ऐसे होते हैं जो किसी खिलाड़ी की पूरी जिंदगी बदल देते हैं. डब्ल्यूपीएल के मंच पर जब एक 24 वर्षीय युवा तेज गेंदबाज ने हैट्रिक ली, तो सिर्फ दिल्ली कैपिटल्स की जीत की नींव ही नहीं पड़ी, बल्कि भारतीय क्रिकेट को एक नया सितारा मिला. आज उसी नंदिनी शर्मा का नाम हर क्रिकेट प्रेमी की जुबां पर है, जो अब इंग्लैंड में होने वाले टी20 महिला विश्व कप के लिए भारत की 15 सदस्यीय टीम का हिस्सा बन चुकी हैं. नंदिनी के लिए डब्ल्यूपीएल का मंच महज एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि खुद को साबित करने का एक अवसर था. दिल्ली कैपिटल्स ने जब नीलामी में उन पर 20 लाख रुपये का दांव लगाया, तो उन्होंने उस विश्वास को पूरी तरह सही साबित किया. गुजरात जायंट्स के खिलाफ वह मुकाबला कौन भूल सकता है? जब सोफी डिवाइन जैसी दिग्गज बल्लेबाज क्रीज पर सेट थीं और नंदिनी की धुलाई कर रही थीं, तब कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स और टीम मैनेजमेंट का उन पर बना भरोसा रंग लाया.
नंदिनी शर्मा (Nandini Sharma) ने अपनी गेंदों में विविधता का इस्तेमाल किया. बैक-ऑफ-द-हैंड स्लोअर बॉल ने न सिर्फ डिवाइन का विकेट लिया, बल्कि मैच का रुख ही पलट दिया. उस रात नंदिनी ने पांच विकेट लेकर डब्ल्यूपीएल इतिहास में एक शानदार अध्याय लिखा. वह हैट्रिक लेना और फिर पर्पल कैप का मिलना यह सब किसी सपने जैसा था. लेकिन यह सफलता रातों-रात नहीं मिली थी. नंदिनी की यह यात्रा चंडीगढ़ की उन गलियों से शुरू हुई, जहां वह अपने भाई को क्रिकेट खेलते देख बड़ी हुईं. 8 साल की उम्र में अकादमी गई, लेकिन कम उम्र के कारण वहां प्राथमिकता नहीं मिली. हार मानकर वापस आने वाली लड़की ने छह महीने बाद फिर वापसी की. नंदिनी मध्यम गति की गेंदबाज हैं जिन्होंने महिला प्रीमियर लीग में दिल्ली कैपिटल्स के लिए 10 मैच खेलकर कुल 17 विकेट लिए. वह उस भारतीय टीम का भी हिस्सा थीं जिसने इस साल फरवरी में बैंकॉक में आयोजित महिला एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था.
नंदिनी शर्मा को पहली बार भारत की महिला क्रिकेट टीम में जगह मिली है.
नंदिनी के लिए सबसे बड़े ‘कोच’ उनके घरवाले ही रहे. उनकी मां सीमा और भाई आकाश ने सिर्फ उनका हौसला ही नहीं बढ़ाया, बल्कि उन्हें गेंदबाजी की बारीकियां भी सिखाईं. नंदिनी ने ईएसपीएन क्रिकइंफो को दिए इंटरव्यू में बताया था, ‘मेरे माता-पिता और भाई ने मुझे सब कुछ सिखाया, जिसमें इनस्विंगर डालना भी शामिल है.’ लड़कों के साथ अभ्यास करते हुए उन्हें जो मार पड़ी, उसी ने उन्हें और तेज और घातक बनने की प्रेरणा दी. जब लड़के मेरी गेंदों को आसानी से हिट करने लगे, तो मैंने अपनी गति और वेरिएशन पर काम करना शुरू किया.’
दिग्गजों का मार्गदर्शन और मेंटॉरशिप
दिल्ली कैपिटल्स के खेमे में नंदिनी को जो मार्गदर्शन मिला, उसने उनकी प्रतिभा को तराशने का काम किया. पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद का साथ मिलना उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. नंदिनी के शब्दों में, ‘मेरे बॉलिंग लाइन, फील्डिंग, ए से जेड तक, वह मुझे सब बताते हैं.’ साथ ही, मारिजाने कैप और जेमिमा रोड्रिग्स जैसे खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करना उनके लिए एक बड़ी सीख रहा.
एक सपने का सच होना
अब नंदिनी का नाम भारत की उस 15 सदस्यीय टीम में शामिल है जो 14 जून से इंग्लैंड में टी20 विश्व कप खेलेगी. यह चयन उनके पिछले एक साल के कठिन परिश्रम और डब्ल्यूपीएल में उनके निरंतर बेहतरीन प्रदर्शन का परिणाम है. एक उभरती हुई खिलाड़ी से लेकर वर्ल्ड कप तक का सफर यह दर्शाता है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.
टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम इस प्रकार है :
हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, यास्तिका भाटिया (दूसरी विकेटकीपर), नंदिनी शर्मा, अरुंधति रेड्डी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, श्रेयंका पाटिल, राधा यादव.