पीतांबरा पीठ प्रबंधन की ‘फर्जी आश्रमों’ को चेतावनी, लाल मिर्च हवन रोको नहीं तो…

पीतांबरा पीठ प्रबंधन की ‘फर्जी आश्रमों’ को चेतावनी, लाल मिर्च हवन रोको नहीं तो…


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Pitambara Peeth News: दतिया के विश्व प्रसिद्ध पीतांबरा पीठ प्रबंधन ने श्रद्धालुओं को ठगी से बचाने के लिए मोर्चा खोल दिया है. सोशल मीडिया पर ‘लाल मिर्च हवन’ के नाम पर पैसे वसूलने वाले फर्जी पेजों और आश्रमों के खिलाफ प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाया है. जानें पूरा माजरा…

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पीठ के आचार्य पंडित विष्णु कांत मुड़िया.

Datia News: मध्य प्रदेश के दतिया में स्थित विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां पीतांबरा मंदिर से एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां मां बगलामुखी के नाम पर फर्जी तरीके से आश्रम चलाने वालों के खिलाफ मंदिर प्रबंधन ने मोर्चा खोल दिया है. दरअसल, सोशल मीडिया पर मां पीतांबरा के नाम से कई फर्जी पेज बनाए गए हैं.

इन पेजों के जरिए फर्जी अनुष्ठान चलाकर श्रद्धालुओं के साथ ठगी की जा रही है. इस गंभीर मामले को लेकर मंदिर प्रबंधन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है. प्रबंधन ने अपना रुख साफ कर दिया है. उन्होंने कहा कि मां की आराधना में लाल मिर्च के हवन का कोई शास्त्र सम्मत विधान नहीं है. जो लोग ऐसा कर रहे हैं, वे केवल श्रद्धालुओं को लूट रहे हैं.

आस्था की आड़ में ठगी का खेल
दतिया की पावन धरा पर स्थित पीतांबरा पीठ में दुनिया भर से लाखों श्रद्धालु आते हैं. लोग यहां बड़ी आस्था के साथ अपनी मुरादें लेकर पहुंचते हैं. लेकिन, अब इसी आस्था की आड़ में ठगी का काला खेल शुरू हो गया है. पीठ प्रबंधन ने पीतांबरा माई के नाम पर चल रहे फर्जी आश्रमों और उनके संचालकों पर तीखा प्रहार किया है. पीठ के आचार्य पंडित विष्णु कांत मुड़िया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा खुलासा किया. कहा, पीतांबरा पीठ के पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी जी महाराज के समय से लेकर आज तक, मंदिर में कभी लाल मिर्च का हवन नहीं किया गया.

शास्त्रों में नहीं कोई उल्लेख
आचार्य मुड़िया ने स्पष्ट किया कि देवी भागवत या दुर्गा सप्तशती जैसे किसी भी प्रामाणिक ग्रंथ में लाल मिर्च के हवन का कोई विधान नहीं है. हवन में काली मिर्च का प्रयोग जरूर किया जाता है. लेकिन, लाल मिर्च के नाम पर अनुष्ठान करना केवल लोगों को भ्रमित करने और ठगने का जरिया है.

ऑनलाइन वसूली का खुलासा
यह मामला तब और गंभीर हो गया जब 24 अप्रैल को ‘श्रीजी मंदिर’ नाम के एक सोशल मीडिया पेज पर प्रचार किया गया. इस पेज पर पीतांबरा माई के प्राकट्य उत्सव के नाम पर ‘मिर्ची अनुष्ठान’ कराने का दावा किया गया. इसके लिए श्रद्धालुओं से ऑनलाइन ₹251 का शुल्क भी मांगा जा रहा था.

कठोर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
आचार्य मुड़िया ने चेतावनी दी कि कुछ बाहरी लोग और मंदिर से जुड़े कुछ पंडित अलग-अलग आश्रम बनाकर आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. पीठ प्रबंधन अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है. उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि ये लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आए, तो जिला प्रशासन के माध्यम से उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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