कमलेश जाटव. फाइल फोटो.
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उपचुनाव (By-Election) में मुरैना जिले की अंबाह सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला. कांग्रेस (Congress) से बगावत कर विधायकी से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल कमलेश जाटव इस बार फिर से प्रत्याशी थे.
2018 के चुनाव में कमलेश कांग्रेस से जीते थे, लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया प्रकरण के बाद उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया और बीजेपी में शामिल हो गए. इस उपचुनाव में उनका मुकाबल कांग्रेस के प्रत्याशी व बीएसपी से पूर्व विधायक सत्यप्रकाश सखवार व बीजेपी से बागी हुए अभिनव छारी से था. आइये जानते हैं जीत की तीन वजहें…..
इसलिए बीजेपी को मिली जीत
– नरेंद्र सिंह तोमर का इलाका होने के कारण इसका प्रभाव वहां के मतदाताओं पर पड़ा.- एमपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीडीशर्मा, दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा इस सीट पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी सभाएंग कीं.
– कांग्रेस से जुड़े क्षेत्र के कई स्थानीय नेता भाजपा में शामिल हो गए, इसकी वजह से कांग्रेस कमजोर हुई और भाजपा जीत गई. मुख्यमंत्री शिवराज ने क्षेत्र के विकास के लिए कई योजनाओं का शिलान्यास किया. इसका प्रभाव मतदाताओं पर पड़ा.