पाकिस्तान से भारत आई गीता ने छोड़ी संस्था, अब यहां होगा उसका नया ठिकाना | indore – News in Hindi

पाकिस्तान से भारत आई गीता ने छोड़ी संस्था, अब यहां होगा उसका नया ठिकाना | indore – News in Hindi


सांकेतिक भाषा एक्सपर्ट मोनिका पुरोहित के मुताबिक़, उनके यहां मूक बधिर बच्चों के लिए हॉस्टल संचालित होता है. (फाइल फोटो)

सामाजिक न्याय विभाग को भी पत्र लिखकर मामले की जानकारी दे दी गई है. इसके साथ ही अधिकारियों के समक्ष गीता (Geeta) का सारा सामान और नगदी उसे सौंप दिया गया है.

इंदौर. अपने माता- पिता की तलाश में लगभग पांच वर्ष पूर्व पकिस्तान (Pakistan) से भारत आयी गीता (Geeta) अब तक अपने परिजनों से दूर है. संस्था के माध्यम से लगातार किये गए प्रयास अधूरे ही रहे. इसी बीच गीता ने अपने विवाह की इच्छा भी जाहिर की लेकिन उसमें भी सफलता हाथ नहीं लगी. पाकिस्तान से आने के बाद इंदौर पहुंची गीता अब तक जिस संस्था में रह रही थी, कुछ समय पहले उसने यहां रहने से इंकार कर दिया. फिर नए ठिकाने की तलाश शुरू हुई. बहरहाल विजय नगर (Vijay Nagar) इलाके में स्थित सांकेतिक भाषा के जानकार पुरोहित दम्पत्ति ( ज्ञानेंद्र और मोनिका) के घर पर ही गीता ने रहने की इच्छा जाहिर की. इसके बाद पुरोहित दम्पत्ति ने भी उसे घर पर रखने के लिए समर्थन दे दिया.

सामाजिक न्याय विभाग को भी पत्र लिखकर मामले की जानकारी दे दी गई है. इसके साथ ही अधिकारियों के समक्ष गीता का सारा सामान और नगदी उसे सौंप दिया गया है. गीता अब ज्ञानेंद्र पुरोहित के घर पर उनकी माता जी के साथ रह रही है. ज्ञानेंद्र पुरोहित और मोनिका पुरोहित दोनों ही सांकेतिक भाषा के जानकार हैं. पकिस्तान से गीता को भारत लाने में पुरोहित दम्पत्ति का अहम किरदार रहा था. अब तक वह लगातार गीता की मदद करते आ रहे थे. रणजीत हनुमार मंदिर के करीब स्थित जिस संस्था में अब तक गीता रह रही थी वहां से कुछ समय पहले उसने भागने का प्रयास भी किया था. लेकिन समय रहते उसे ढूंढ लिया गया था.

उनके यहां मूक बधिर बच्चों के लिए हॉस्टल संचालित होता है
सांकेतिक भाषा एक्सपर्ट मोनिका पुरोहित के मुताबिक़, उनके यहां मूक बधिर बच्चों के लिए हॉस्टल संचालित होता है, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण फिलहाल वह बंद है. इसीलिए गीता को उनकी माता जी के साथ रखा गया है. उसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है. वह फ़िलहाल संतुष्टि जाहिर कर रही है. उसके माता- पिता की खोज अब भी जारी रहेगी. फिलहाल, उसकी मनोदशा को परख रहे हैं. उसे पूरी तरह से पारिवारिक माहौल देने का हमारा प्रथम प्रयास रहेगा.





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