51 मौत; तीन अब भी लापता: सबसे छोटी यात्री; मां के आंचल में लेटी थी पांच महीने की सौम्या, 30 घंटे बाद 20 किमी दूर मिली

51 मौत; तीन अब भी लापता: सबसे छोटी यात्री; मां के आंचल में लेटी थी पांच महीने की सौम्या, 30 घंटे बाद 20 किमी दूर मिली


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सीधी/भोपाल21 घंटे पहले

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तस्वीर सौम्या की है। उम्र बमुश्किल पांच महीने थी। मंगलवार को हुए बस हादसे की ये सबसे मासूम शिकार है।

  • उफ! ये हादसा, बचपन भी साथ ले गया
  • बाणसागर नहर में 4 और शव मिल

सौम्या। उम्र पांच महीने। जिस वक्त सीधी की वो बस बाणसागर नहर के किनारे से गुजर रही थी, तब सौम्या मां सोमबाई के आंचल में लेटी थी। उसकी मौसी आशा भी साथ थीं। मां और मौसी एएनएम की परीक्षा देने सतना जा रही थीं। जैसे ही झटके से बस नहर में गई, तो सौम्या मां के आंचल से छिटक गई। बस डूबते ही तीनों की सांसें थम गईं होंगी। सौम्या उस बस में मौजूद सबसे छोटी यात्री थी। बस के दोनों दरवाजे बंद थे, लेकिन खिड़कियां खुली थीं।

शायद यही वजह रही होगी कि मां और मौसी के शव बस में ही रह गए, लेकिन सौम्या बाहर निकल आई। 30 घंटे बाद उसका शव गोताखोरों को 20 किमी दूर रीवा के गोविंदगढ़ के पास मिला। यह हादसा ऐसी ही कई कहानियां छोड़ गया है। कुसमी गांव के यादव परिवार ने अपने चार लोगों को इस हादसे में खोया है। उनका तो आधा कुनबा ही खत्म हो गया, पति, पत्नी, बेटा और चचेरा भाई। बुधवार को एक साथ चार अर्थियां गांव से गुजरीं।

इससे पहले, नहर से बचाव दल को बुधवार सुबह 4 और यात्रियों के शव मिले। इससे मरनेवालों की संख्या अब 51 हो गई है, जबकि तीन अब भी लापता हैं। इन्हें गुरुवार ढूंढा जाएगा। दोपहर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी सीधी जिले के गांवों में जाकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। 7-7 लाख रु. की आर्थिक सहायता दी।

जिम्मेदारों पर एक्शन

सड़क विकास निगम के डीएम, एजीएम, मैनेजर और प्रभारी आरटीओ सस्पेंड

घटना के 36 घंटे बाद सरकार एक्शन में आई। मुख्यमंत्री ने सीधी कलेक्टोरेट में जिले के अधिकारियों की बैठक बुलाई। जिले के प्रभारी आरटीओ एसपी दुबे, मप्र सड़क विकास निगम के डीएम मनोज जैन, एजीएम अमित नारगेसे, मैनेजर बीपी तिवारी को सस्पेंड कर दिया। साथ ही कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस-प्रशासन के साथ बाकी दोषियों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने लोगों को बचाने वाली शिवरानी और बाकी तीन लोगों को पांच-पांच लाख देने की बात कही।

हादसे के पीड़ित

हमें रहम नहीं चाहिए, आप तो सड़क बनवा दीजिए और दोषियों को सजा दें

शिवराज सबसे पहले रामपुर नैकिन के सुरेश गुप्ता के घर गए। सुरेश बस में अपने दो साल के पोते अथर्व और बहू पिंकी के साथ सफर कर रहे थे। हादसे में वे बच गए। पोता-बहू डूब गए। सुरेश ने सीएम से कहा- हमें रहम नहीं चाहिए। आप उन पुलिसवालों को हटा दो जो हादसे के लिए जिम्मेदार हैं। आप सड़क बनवा दो। अगर जाम नहीं होता तो हमारे बच्चे जिंदा होते। इसके बाद सीएम घायलों से मिले, फिर वे चुरहट, ग्राम पचोखर, ग्राम पड़रिया खुर्द, कुकड़ीझर, अमहवा भी पहुंचे।

आमने-सामने

अफसर बोले- सड़क खराब थी; मंत्री ने कहा- क्या हादसे सड़क से होते हैं

परिवहन विभाग के डिप्टी कमिश्नर एके सिंह ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद हादसे के लिए खराब सड़क को जिम्मेदार बताया। कहा- सड़क पर जंपिंग बहुत है। इस पर जब पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव से पूछा गया तो उन्होंने कहा- सड़कें तो पूरे देश में एक जैसी हैं, क्या सभी जगह हादसे की एक ही वजह होती है। वहीं, परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि सरकार ने तय किया है कि गांवों-कस्बों में कंडम बसें नहीं चलने दी जाएंगी।



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