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भिंड16 घंटे पहले
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- जिले में सरसों की खरीद के लिए बनाए गए हैं 34 केंद्र, सभी रहे खाली
- किसानों को फसल बेचते ही मिल रहे रुपए इसलिए केंद्रों पर नहीं आ रहे
- गेहूं के उपार्जन के लिए प्रक्रिया भी अभी तक नहीं हुई शुरू
जिले में समर्थन मूल्य पर सरसों बेचने में किसानों का कतई रुझान नहीं है। इस कारण खरीद केंद्रों पर अब तक सन्नाटा पसरा हुआ है। इसका कारण समर्थन मूल्य और मंडी के भाव में 500- 600 रुपए प्रति क्विंटल का अंतर होना है। जब तक भाव में अंतर रहेगा तब सन्नाटा पसरा रहने के ही आसार नजर आ रहे हैं। किसान भी इस बात से खुश नजर आ रहे हैं कि माल बेचते ही उनके हाथ रकम आ रही है। समर्थन मूल्य पर बिक्री करने के लिए तमाम सारी प्रक्रियाओं के झंझट से बचे हुए हैं।
यहां बता दें जिले में सरसों की खरीद के लिए 34 केंद्र बनाए गए हैं। इन पर सरसों बेचने के लिए 27 फरवरी से किसानों को मैसेज भी भेजे जा रहे हैं लेकिन अब तक एक भी किसान नहीं पहुंचा है। जबकि पूर्व वर्षोँ में मारामारी की स्थिति रहती थी। शासन द्वारा सरसों का समर्थन मूल्य 4650 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। जबकि मंडियों में सरसों का भाव 5100- 5200 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है।
किसानों का कहना है कि जब मंडियों दाम अधिक मिल रहे हैं और एक हाथ माल दें और दूसरे हाथ दाम लें की स्थिति चल रही है तब समर्थन मूल्य पर माल क्यों बेचें। इनका यह भी कहना है कि समर्थन मूल्य से 50- 100 रुपए कम दाम भी मंडी में मिलेंगे तब तक माल मंडियों में बेचना ही ठीक है।
खरीद केंद्रों पर केवल बैनर नजर आ रहे
समर्थन मूल्य खरीद केंद्रों पर केवल बैनर ही लगे हुए नजर आ रहे हैं। शुरुआत के एक- दो दिन सहकारी समितियों के कर्मचारी भी इन पर पहुंचे लेकिन अब तो वह भी नजर नहीं आ रहे हैं। मुडियाखेड़ा के निकट शुक्ला वेयर हाउस पर बनाए गए समर्थन मूल्य खरीद केंद्र पर तो अजीब स्थिति नजर आई। वेयर हाउस प्रबंधक सतेंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि खरीद केंद्र के लिए गोदाम ए गेट क्रमांक 1- 3 तक आवंटित किया गया लेकिन समिति सचिव द्वारा गेट नंबर 7-8 पर बैनर लगवा दिया गया।
केंद्रों पर नोडल अधिकारी नियुक्त
कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने जिले में रबी विपणन सीजन के अन्तर्गत किसानों से गेहूं समर्थन मूल्य पर उपार्जन हेतु जिले में बनाए गए 57 केंद्रों पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। यह नोडल अधिकारी गेहूं उपार्जन के समय केंद्र पर उपस्थित रहकर उपार्जन कार्य की निगरानी करेंगे तथा कृषकों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण भी करेंगे। गेहूं का समर्थन मूल्य 1975 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। हालांकि इन दिनों मंडी भाव में अधिक अंतर नहीं है।
केंद्रों पर तैयारियां पूरी, किसान नहीं आ रहे
- सरसों खरीद के लिए समितियों द्वारा तैयारियां पूरी की गई हैं। किसानों को मैसेज भी पहुंचाए जा रहे हैं लेकिन भाव में अंतर होने से किसान नहीं पहुंच रहे हैं। अगर मंडी भाव समर्थन मूल्य से कम पर आते हैं तो ही किसान केंद्रों पर बेचने आएंगे। – भजन लाल, प्रभारी विपणन अधिकारी