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- Madhya Pradesh (MP) Coronavirus Cases Update; Indore Bhopal Jabalpur News | Over 12000 Thousand Found On Second Day
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भोपाल9 मिनट पहले
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मध्य प्रदेश में लगतार दूसरे दिन 12 हजार से ज्यादा संक्रमित मिले है। सरकारी रिकार्ड में एक दिन में 77 मौतें होना बताया गया है, जबकि श्मशान में कोरोना प्रोटोकॉल से अंतिम संस्कार किए गए शवों का आंकड़ा बड़ा है। प्रदेश में संक्रमण फैलने का रिकार्ड टूट रहा है। पिछले 26 घंटे में संक्रमण दर 24.7% दर्ज की गई है। यानी जांच में हर चौथा व्यक्ति संक्रमित मिल रहा है। जबकि कोरोना की पहली लहर की पीक सितंबर 2020 में आई थी। तब संक्रमण दर सबसे ज्यादा 21 सितंबर को 14.3% दर्ज की गई थी।
देश से तुलना करें तो मध्य प्रदेश में करोना की रफ्तार का साप्ताहिक औसत 7% से भी ज्यादा है। दूसरी लहर के दौरान देश में मिल रहे संक्रमितों के संख्या को देखें तो मध्य प्रदेश में संक्रमण दर ज्यादा है। अप्रैल के पहले सप्ताह में यह 1.5% ज्यादा थी, जो पिछले सप्ताह में बढ़कर 7.5% हो गई है। जबकि एक दिन में ही संक्रमण दर 1% से ज्यादा बढ़ गई।
कोरोना की पहली लहर की पीक में सितंबर माह में प्रदेश में सबसे ज्यादा संक्रमित इंदौर, भोपाल और ग्वालियर में 300 से 400 के बीच मिले थे, लेकिन दूसरी लहर में अनूपपुर, कटनी व रीवा में 350 से ज्यादा संक्रमित मिलना शुरु हो गए। जबकि इंदौर, भोपाल व ग्वालियर में अब 1000 से 1800 के बीच केस मिल रहे हैं। यानी कोरोना की रफ्तार अब कई गुना तेज हो गई है।
छोटे शहरों में भी बढ़ने लगा मौतों का आंकड़ा
अभी तक भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में कोरोना मरीजों की मौतें के आंकड़े ज्यादा आ रहे थे, लेकिन अब छोटे शहरों में इस जंग को हारने वालों की संख्या बढ़ती जा रहा है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में नीमच व शहडोल में 5-5, रतलाम में 4, सीधी व टीकमगढ़ में 3-3 मौतें हुई। प्रदेश में कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या 4713 पहुंच गई है।
ऑक्सीजन की कमी से ज्यादा मौतें
प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी से मरने वालों की संख्या ज्यादा है। जबकि सरकार इस तथ्य को छुपा रही है। पिछले 13 दिन में जबलपुर, कटनी, शहडोल और भोपाल में ऐसी 56 मौतें हो चुकी है। सरकार और अस्पताल प्रशासन इसे ऑक्सीजन की कमी से मौत होना नहीं मान रहा है। उनका कहना है कि मरीजों की हालत ज्यादा गंभीर थी।