उप चुनाव में जीत से बीजेपी उत्साह और कांग्रेस हार के सदमे में है.
उपचुनाव (by election) में 9 सीटों पर सिमटी कांग्रेस में मंथन जारी है. बीजेपी के मुकाबले कमजोर संगठन से जूझ रही कांग्रेस में बड़े बदलाव के संकेत जरूर हैं.
हाल ही में प्रशिक्षण वर्ग की शुरुआत करने के बाद पार्टी अब 25 नवंबर से 15 दिसंबर तक मंडल स्तर तक ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू कर की तैयारी में है. इसके जरिए मैदानी संगठन को और मजबूत किया जाएगा. शर्मा ने कहा हमारा ध्यान अब संगठन को और मजबूत करने पर है. इसके लिए सिलसिलेवार कार्यक्रम होंगे.शुरुआत हो चुकी है और 25 नवंबर से कई बड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे.
कांग्रेस भी बदलाव के लिए तैयार
उपचुनाव में 9 सीटों पर सिमटी कांग्रेस में मंथन जारी है. बीजेपी के मुकाबले कमजोर संगठन से जूझ रही कांग्रेस में बड़े बदलाव के संकेत जरूर हैं. लेकिन यह कब और कैसे होगा और 2023 के पहले कितना प्रभावी होगा, यह कहना मुश्किल है. हालांकि कांग्रेस का कहना है संगठन स्तर पर नई गतिविधियां देखने मिलेंगी. पार्टी नए लोगों को संगठन से जोड़ने के लिए अभियान चलाएगी. कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा उपचुनाव के दौरान कांग्रेस का अनट्रेंड कार्यकर्ता प्रचार में जुटा था. लेकिन अब ट्रेनिंग के साथ कार्यकर्ता मोर्चा संभालेंगे.
हार से कब उबरेगी कांग्रेस
2018 के विधानसभा चुनाव के बाद 2020 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस को बीजेपी की 19 सीटों के मुकाबले 9 सीट यानि सिंगल डिजिट पर ही संतोष करना पड़ा. इसके पीछे बड़ा कारण नेताओं की निष्क्रियता और कांग्रेस का कमजोर संगठन माना जा रहा है. कमलनाथ का साथ किसी नेता ने नहीं दिया. हार के बाद समीक्षा में फंसी कांग्रेस कब तक उबरेगी यह कहना मुश्किल है.