निवाड़ी में रविवार को राष्ट्रकवि पद्म विभूषण डॉक्टर मैथिली शरण गुप्त की जयंती मनाई गई। यज्ञशाला परिसर में साहित्य, संस्कृति और सामाजिक एकता का संगम देखने को मिला। समारोह की शुरुआत वंदना और पुष्पांजलि अर्पण से हुई।
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इसके बाद यज्ञशाला प्रांगण से शोभायात्रा निकाली गई। ये नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए पुनः आयोजन स्थल पर लौटी। विधायक अनिल जैन बायपास मार्ग पर मैथिली शरण गुप्त की स्मृति में प्रवेश द्वार बनवाने की घोषणा की।
वक्ताओं ने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की राष्ट्रभक्ति और साहित्यिक योगदान बताया। उन्होंने कहा कि गुप्त जी का जीवन और लेखन आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम का समापन सांस्कृतिक प्रस्तुति और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
मैथिलीशरण गुप्त की रचनाओं के बारे में बताया गया
वक्ताओं ने मैथिलीशरण गुप्त की रचित खण्डकाव्य पंचवटी में सहज वन्यदृजीवन के प्रति गहरा अनुराग और प्रकृति के मनोहारी चित्र का वर्णन किया। वक्तोओं ने कहा कि उनकी कविता चारुचंद्र की चंचल किरणें, खेल रहीं हैं जल थल में, स्वच्छ चांदनी बिछी हुई है अवनि और अम्बरतल में। पुलक प्रकट करती है धरती, हरित तृणों की नोकों से, मानों झीम रहे हैं तरु भी, मन्द पवन के झोंकों से ये पंक्तियां प्रेमियों के मानस पटल पर आज भी सजीव हैं। इसके अलावा उनके साकेत महाकाव्य, यशोधरा आदि का भी उल्लेख किया।
मैथिलीशरण गुप्त का जन्म झांसी में हुआ था
राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त का जन्म 3 अगस्त 1886 को उत्तरप्रदेश के झांसी (चिरगांव) में हुआ था। वे हिन्दी के प्रसिद्ध कवि थे। हिन्दी साहित्य के इतिहास में वे खड़ी बोली के प्रथम महत्त्वपूर्ण कवि हैं। उन्हें साहित्य जगत में ’दद्दा’ नाम से सम्बोधित किया जाता था।
उनकी कृति भारत-भारती भारत के स्वतंत्रता संग्राम के समय में काफी प्रभावशाली सिद्ध हुई थी और इसी कारण महात्मा गांधी ने उन्हें ’राष्ट्रकवि’ की पदवी भी दी थी। उनकी जयंती 3 अगस्त को हर वर्ष ’कवि दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। सन 1954 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया।
कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन भी मौजूद रहे।
धूसर समाज की कार्यकारिणी ने शपथ ली
इस दौरान धूसर समाज की नवगठित कार्यकारिणी ने शपथ ली। सभी पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित हुए। वरिष्ठ उपाध्यक्ष संतोष कुमार धूसर, कनिष्ठ उपाध्यक्ष शरद कुमार नौगरईया, कोषाध्यक्ष सुधीर कुमार धूसर, महासचिव राजेंद्र कुमार खरया, सचिव देवेंद्र कुमार नौगरैया और सह सचिव संजीव कुमार नगरिया नियुक्त हुए।
कार्यकारिणी में विनीत कुमार रेजा, बृजेश सेठ टीटू, आशीष मोदी समेत कई सदस्य शामिल हुए। सभी निर्वाचित सदस्यों ने समाज की सेवा और सांस्कृतिक विकास को प्राथमिकता देने की शपथ ली।
शोभायात्रा में ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और साहित्यिक उद्धरणों के साथ बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। वहीं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक अनिल जैन रहे। विशिष्ट अतिथियों में गोपाल दास दमेले और मनीष विलैया शामिल रहे। आयोजन की अध्यक्षता डॉ के. प्रकाश खरद ने की।

धूसर समाज की नवगठित कार्यकारिणी ने शपथ ली।