रतलाम में गणपति बप्पा की विदाई धूमधाम से मंगल कामनाओं व सुख समृद्धि की कामना के साथ की गई। ढोल-ढमाकों, बैंड बाजों के गणपति बप्पा मोरिया, चार लड्डू चोरिया, अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारे लगाए। बप्पा के जाते समय श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। बाइक, बैल
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अनंत चतुर्दशी के साथ ही 10 दिवसीय गणेश उत्सव का समापन शनिवार को हो गया। दोपहर बाद शुभ मुहूर्त में गणपति बप्पा को चल समारोह के रूप में अलग-अलग स्थानों पर विसर्जित किया गया। शहर के हनुमान ताल, कालिका माता मंदिर, बंजली बायपास स्थित तालाब समेत जामण नदी, करमदी तालाब पर भी बड़ी संख्या में भक्त गणपति बप्पा की प्रतिमा लेकर विसर्जन को पहुंचे।
हनुमान ताल, कालिका माता मंदिर परिसर में नगर निगम द्वारा प्रतिमाओं को ट्रक में रख माही नदीं ले जाकर पानी में विसर्जित किया।
बच्चे तिरंगे के साथ गणपति बप्पा को हनुमान ताल पर विदाई देने पहुंचे।
सुरक्षा व्यवस्था माकूल रही शहर के सभी विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था माकूल रही। पुलिस प्रशासन के अधिकारी मॉनिटरिंग करते रहे। बच्चों से लेकर बड़ों में उत्साह नजर आया। रात में झिलमिलाती झांकियों का कारवा निकलेगा। अखाड़ों के कलाकार करतब दिखाते हुए चलेंगे।
पानी भरने से रही अव्यवस्था लगातार बारिश से शहर के कालिका माता मंदिर परिसर में स्थित झाली तालाब लबालब हो गया। शुक्रवार रात व शनिवार सुबह बारिश के कारण तालाब का पानी बाहर तालाब से बाहर आकर मंदिर परिसर में भर गया। पानी खाली करने के लिए मोटरें भी लगाई। लेकिन पानी ज्यादा होने के कारण समस्या का हल नहीं हो पाया। इस कारण तालाब परिसर में पानी भरा रहा। पानी के बीच ही भक्तों को गणपति बप्पा की प्रतिमा लेकर गुजरना पड़ा।
देखिए तस्वीरें…

कालिका माता मंदिर परिसर में पानी भरा होने के कारण भक्तों को समस्याएं आई।

कालिका माता मंदिर परिसर स्थित झाली तालाब पर विसर्जन के लिए पानी में होकर जाना पड़ा।

हनुमान ताल पर गणपति बप्पा को हाथों पर उठाकर ले जाते हुए।

बच्चों से लेकर बड़ों में उत्साह रहा।

विदाई के पहले गणपति बप्पा की आरती करते हुए भक्त।

विसर्जन स्थलों से नगर निगम द्वारा ट्रकों में प्रतिमाओं को रख माही नदी ले जाया गया।