छिंदवाड़ा जिले में आपातकालीन सेवा डायल 112 की उपयोगिता पर सवाल खड़े हुए हैं। दरअसल, रविवार को नीतू चौधरी नाम की एक महिला ने मदद के लिए डायल 112 पर कॉल किया, लेकिन पुलिस गाड़ी घटना स्थल पर पहुंचने के बजाय करीब एक घंटे तक थाना परिसर में खड़ी रही।
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पीड़ित महिला के पति, शक्ति सिंह चौधरी ने बताया कि उनके पड़ोसी के साथ निर्माण कार्य को लेकर विवाद चल रहा था। कुछ दिन पहले घर की दीवार क्षतिग्रस्त होने पर शिकायत की गई थी, लेकिन देहात थाना में न तो शिकायत दर्ज की गई और न ही उचित कार्रवाई की गई। थाना निरीक्षक ने केवल मौखिक समझाइश देकर उन्हें वापस भेज दिया।
निर्माण कार्य के दौरान मटेरियल गिरने पर जब पीड़ित महिला थाने पहुंची, तो निरीक्षक ने दोबारा आने से मना किया और चेतावनी दी कि अगली बार आने पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। पीड़ित पक्ष ने कई बार अपनी बात रखी, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि डायल 112 टीम मौके पर मदद करने के बजाय उन्हें गाड़ी में बैठाकर चलने के लिए कह रही थी। इसके अलावा, पहले पुलिस की गाड़ी का GPS लोकेशन ट्रेस कर पुलिस सीधे मौके पर पहुंचती थी, लेकिन अब पुलिस स्वयं पीड़ित से लोकेशन मांगती दिख रही है। शाम 6 बजे के बाद जब गाड़ी भेजी गई, तब तक मजदूर काम बंद कर चुके थे।
भास्कर संवाददाता ने देहात थाना निरीक्षक विजय राम मोहोरे से संपर्क किया, लेकिन रिसीव नहीं हुआ।