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Khandwa News: कुछ जहरीले सांप जैसे- किंग कोबरा, ब्लैक माम्बा और रसेल वाइपर बेहद तेज रफ्तार से आगे बढ़ सकते हैं. ब्लैक माम्बा की स्पीड तो करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटा तक होती है. सोचिए कि इतनी स्पीड में अगर यह सांप किसी के पीछे पड़ जाए, तो बचना नामुमकिन हो जाएगा.
खंडवा. सांप का नाम सुनते ही लोगों की रगों में खौफ पसर जाता है. कहीं भी सांप दिख जाए, तो इंसान की पहली कोशिश होती है किसी तरह वहां से भाग निकलने की लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर सांप पीछे पड़ जाए, तो कौन जीतेगा इस रेस में, सांप या इंसान. जवाब जानने के बाद शायद ठंड में भी आपके माथे पर पसीने की बूंदें छलक उठेंगी. दरअसल सांप धरती पर रेंगकर चलने वाला जीव है लेकिन उसकी फुर्ती और रफ्तार देखकर अच्छे-अच्छे धावक भी हैरान रह जाते हैं. आमतौर पर लोगों को लगता है कि इंसान आसानी से सांप से आगे निकल सकता है, पर सच यह है कि कुछ प्रजातियों के सांप इतनी तेजी से रेंगते हैं कि इंसान के लिए उनसे बच निकलना आसान नहीं होता.
खुद को बचाने की कोशिश करता है सांप
भारत में पाए जाने वाले कोबरा और करैत जैसे सांप सामान्यतः बहुत दूर तक नहीं भागते लेकिन अगर उन्हें खतरा महसूस हो जाए, तो यह अचानक तेज रफ्तार में फन उठाकर हमला कर सकते हैं. कई बार खेतों में काम कर रहे किसानों या जंगलों में घूम रहे लोगों पर सांप झपट पड़ते हैं. लोग सोचते हैं कि सांप ने उनका पीछा किया जबकि असल में वह खुद को खतरे से बचाने की कोशिश कर रहा होता है.
जानकारों का कहना है कि सांप की मांसपेशियां बहुत लचीली होती हैं. जब वह रेंगता है, तो उसका पूरा शरीर एक स्प्रिंग की तरह काम करता है. यही वजह है कि थोड़ी सी ऊर्जा से वह बहुत तेजी से आगे बढ़ जाता है. कुछ सांप तो अपनी गति और फुर्ती के कारण शिकार को बिना मौका दिए पकड़ लेते हैं. अब सवाल उठता है कि अगर कभी आप पर सांप झपटे तो क्या करें. सबसे पहले घबराएं नहीं और एकदम से भागने की कोशिश न करें. सीधी रेखा में भागने के बजाय दाएं-बाएं टेढ़ी दिशा में भागें क्योंकि सांप का शरीर सीधा चलने में सक्षम होता है लेकिन मोड़ लेने में उसकी स्पीड घट जाती है. अगर आप शांति से और समझदारी से जगह बदलेंगे, तो जान बचाना आसान होगा.
सांपों के हमले के कई मामले ऐसे भी देखे गए हैं, जहां लोग अज्ञानता में खुद उन्हें उकसा देते हैं. पत्थर फेंकना, लकड़ी से मारना या उन्हें खदेड़ने की कोशिश करना, खतरे को और बढ़ा देता है. याद रखिए, सांप इंसान का दुश्मन नहीं होता वह सिर्फ आत्मरक्षा में हमला करता है. विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि ठंड के मौसम में सांपों की गति थोड़ी कम हो जाती है क्योंकि वे ठंडे खून वाले जीव हैं लेकिन जैसे ही मौसम गर्म होता है या धूप निकलती है, उनकी फुर्ती कई गुना बढ़ जाती है. यही वजह है कि गर्मियों में सांपों के हमले ज्यादा दर्ज होते हैं.
डरें नहीं, सतर्क रहें
तो अगली बार अगर कोई सांप दिख जाए, तो उसे देखकर डरने के बजाय सतर्क रहें. उसे रास्ता दें लेकिन उसके पास जाने की गलती न करें. उसकी गति का अंदाजा भले ही आपको न हो, पर याद रखिए, कई बार रेंगने वाला यह जीव इंसान से भी तेज निकल जाता है. सांप की रफ्तार और उसकी सटीक चालाकी ही उसे धरती के सबसे खतरनाक शिकारी में से एक बनाती है और यही वजह है कि सदियों से इंसान और सांप के बीच यह डर और रोमांच भरी दूरी बनी हुई है.
तो अब जवाब साफ है कि हर बार इंसान नहीं, कई बार सांप भी जीत जाता है इस रेस में, इसलिए अगर कभी आपके रास्ते में यह जीव आ जाए, तो समझदारी और दूरी ही आपकी सबसे बड़ी ढाल है. डरिए नहीं बल्कि सतर्क रहिए क्योंकि सांप की चाल कभी भी इंसान से धीमी नहीं पड़ती.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.