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Chhatarpur News: कुंता कुशवाहा ने लोकल 18 से कहा कि उनकी उगाई देसी मूली को भले ही तैयार होने में समय लगता है लेकिन जिसने भी इसे एक बार चख लिया, वह बार-बार इस मूली को मांगता है.
छतरपुर. सर्दी के मौसम में हर कोई मूली खाना पसंद करता है लेकिन बाजार से जो मूली खरीदते हैं, वो जल्द ही मुरझा जाती है. वहीं मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की कुंता बाई सालों से अपने खेत में मूली उगा रही हैं और इनकी मूली इतनी टेस्टी होती है कि लोग बाजारों से न खरीदकर मूली खरीदने के लिए कुंता बाई के पास चले आते हैं, इसलिए लोग इन्हें मूली बाई के नाम से पहचानते हैं.
कुंता कुशवाहा लोकल 18 से बातचीत में बताती हैं कि हमारी देसी मूली को भले ही तैयार होने में समय लगता हो लेकिन इसके स्वाद को एक बार जिसने चख लिया, वह बार-बार इस मूली को खाता है. यही वजह है कि स्थानीय लोग उन्हें मूली बाई के नाम से भी पहचानते हैं.
इस महीने में लगाई थी मूली
कुंता आगे बताती हैं कि उन्होंने अक्टूबर-नवंबर के महीने में मूली लगाई थी. दो महीने बाद ही मूली आना शुरू हो गई थी. अभी भी निकल रही है. मूली माह-फाल्गुन और चैत्र महीने तक आती रहेगी. अभी दिसंबर माह में फिर से लगा दी थी. अभी आगे दो महीने तक और बेचते रहेंगे.
बाजार की बड़ी मूली से होती है बेहतर
वह बताती हैं कि बाजार में जो मूली आती है, वह बड़ी होती है. शादी जैसे कार्यक्रमों में सलाद के काम आती है लेकिन स्वाद में खास नहीं होती है. वहीं हमारे खेत में उगी यह देसी मूली साइज में छोटी और बेहद स्वादिष्ट होती है. इस मूली को आप सूखा ही खा सकते हैं. यह बेहद ही मुलायम और पतली होती है. यह दो दिन तक भी कड़क बनी रहती है.
इस भाव में बिकती है मूली
कुंता बाई आगे बताती हैं कि इस स्वादिष्ट देसी मूली का भाव आम मूली के मुकाबले थोड़ा ज्यादा है. जहां बाजार में 10 रुपये की 10 या 12 मूली भी मिल जाती हैं, तो वह 10 रुपये में पांच मूली देती हैं. वह अनाज के साथ भी मूली बेचती हैं. वह एक किलो गेहूं के साथ 4 या 5 मूली दे देती हैं.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.