शाजापुर जिले में प्रधानमंत्री राहत (सड़क दुर्घटना पीड़ितों का कैशलेस उपचार) योजना के तहत पहला मामला सोमवार को सामने आया। पचोर निवासी करण सिंह गुर्जर सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद शाजापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हुए, जहां उनका इलाज योजना के तहत कैशलेस किया जा रहा है। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और यातायात पुलिस की टीम अस्पताल पहुंची और मामले का सत्यापन किया। प्रधानमंत्री द्वारा ‘सेवा तीर्थ’ से स्वीकृत इस योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ‘गोल्डन ऑवर’ में त्वरित और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है। देश में हर साल बड़ी संख्या में सड़क हादसों में मौतें होती हैं, जिनमें से कई को समय पर इलाज मिलने से रोका जा सकता है। 1.5 लाख रुपए तक का होगा इलाज इस योजना के तहत दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों तक प्रति व्यक्ति अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक का कैशलेस उपचार प्रदान किया जाएगा। यह योजना 112 आपातकालीन हेल्पलाइन से एकीकृत है, जिससे पीड़ितों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाने में मदद मिलती है। पुलिस सत्यापन के बाद उपचार की प्रक्रिया डिजिटल प्रणाली के माध्यम से संचालित होती है। अस्पतालों को भुगतान मोटर वाहन दुर्घटना कोष के जरिए किया जाएगा। जिला स्तर पर शिकायतों के निवारण के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक व्यवस्था तय की गई है। इस योजना का अंतिम उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी घायल व्यक्ति को आर्थिक कारणों से उपचार से वंचित न होना पड़े।
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